अर्थराइटिस यानी गठिया एक ऐसी बीमारी है जिससे आज बहुत से लोग परेशान हैं। बीते कुछ सालों में खान पान और लाइफस्टाइल की खराबी के कारण गठिया के मरीजों में काफी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। अर्थराइटिस एक लाइलाज बीमारी है लेकिन इसके लक्षणों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इसके साथ ही आर्थराइटिस के सही कारणों का पता लगाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि अर्थराइटिस रोग के 50 से भी ज्यादा प्रकार होते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से कुछ ऐसे लाइफस्टाइल चेंजेस के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप अर्थराइटिस जैसी समस्या से निजात पा सकते हैं।
अर्थराइटिस से बचाव के लिए लाइफस्टाइल
ज्यादा देर तक बैठने से बचें
यदि आप किसी काम को करते हैं, जिसमें लंबे समय तक बैठना होता है, तो यह आपके लिए अर्थराइटिस का बड़ा कारण बन सकता है। जी हां सीटिंग वर्क में आपको हर घंटे के बाद 10 मिनट का ब्रेक जरूर लेना चाहिए। जिसमें आप थोड़ा टहल सकते हैं। क्योंकि देर तक बैठे रहने से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या पैदा हो जाती है।
रोजाना करें व्यायाम
अर्थराइटिस के मरीजों को रोज कम से कम 30-40 मिनट का व्यायाम जरूर करना चाहिए। इससे आपकी समस्या में काफी राहत मिल सकती है। 40 मिनट का व्यायाम आपको दिन भर के लिए जरूरी ऊर्जा दे देता है। इससे आपके शरीर में खून का फ्लो दुरुस्त होता है और जोड़ों में दर्द से राहत मिलती है।
मीठा करें कम
अर्थराइटिस के मरीजों के लिए मीठा खाना जहर के समान होता है। इसलिए आपको मीठे से बनी चीजों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इसकी जगह आपको नेचुरल स्वीटनर जैसे शहद आदि का इस्तेमाल करना चाहिए। वही एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फूड्स आपको अर्थराइटिस में काफी राहत पहुंचाते हैं।
धूम्रपान से बचें
अर्थराइटिस की समस्या को तेजी से बढ़ाने वाला धूम्रपान आपके लिए घातक साबित हो सकता है। विज्ञान ने प्रयोगों से साबित किया है कि स्मोकिंग अर्थराइटिस को और भी गंभीर अवस्था में ले जा सकता है। इसके विपरीत जिन लोगों में स्मोकिंग बंद कर दी उन्हें तेजी से रिकवरी में हेल्प मिलती है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
