हेल्थ

क्या आपका वर्कप्लेस बना रहा है आपको बीमार? जानिए इनडोर एयर का सच

Poor Ventilation Effects: आप आराम से ऑफिस में बैठे होते हैं, लेकिन वहां की हवा चुपचाप आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा रही होती है। आमतौर पर हमारे कार्यालयों का डिजाइन हमारी त्वचा और स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं होता है। लेकिन, थोड़ी जागरूकता और छोटे उपायों के माध्यम से, हम अपने कार्यस्थल को एक स्वस्थ वातावरण में बदल सकते हैं।

Image

इनडोर एयर का सच (फोटो: canva)

Office Air Health Effects: आजकल के मॉडर्न ऑफिस में हम दिन का ज्यादातर टाइम बिताते हैं, लेकिन वहीं एक ऐसा छुपा खतरा भी होता है जो धीरे-धीरे हमारी सेहत पर असर डालता है और वो है ऑफिस की हवा। ऑफिस में जो AC चलता है, उसकी हवा बार-बार घूमकर आती रहती है और उसमें नमी (humidity) बहुत कम होती है, करीब 10–25% तक। जबकि हमारी स्किन के लिए सही नमी 30–50% के बीच मानी जाती है। जब हवा में नमी इतनी कम हो जाती है, तो हमारी स्किन की नैचुरल नमी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। इससे स्किन ड्राई हो जाती है, खिंचाव महसूस होता है और कई बार जलन या सेंसिटिविटी भी बढ़ जाती है।

एयर कंडीशनर का प्रभाव: एयर कंडीशनर ना केवल तापमान को कम करता है, बल्कि हवा से नमी भी निकालता है। इस प्रक्रिया का परिणाम 'एसी स्किन' के रूप में सामने आता है, जिसमें त्वचा सूखी और संवेदनशील हो जाती है। इसके अलावा, अधिकांश एयर कंडीशनिंग सिस्टम ताजगी से भरी हवा को बाहर से नहीं लाते, बल्कि पूर्व की हवा को पुनः चक्रित करते हैं, जिससे धूल और प्रदूषक अधिक मात्रा में एकत्रित होते हैं।

कार्यालय की हवा में क्या है: आधुनिक कार्यालयों में विभिन्न प्रकार के वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (VOCs) होते हैं, जो स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। प्रिंटर और फोटोकॉपी मशीनें विशेष रूप से हानिकारक होती हैं, क्योंकि वे अल्ट्राफाइन कण और ओजोन छोड़ती हैं, जो त्वचा की उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं।

स्वास्थ्य पर प्रभाव: इन हानिकारक तत्वों के संपर्क में आने से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे सूखी और खुजली वाली त्वचा, आंखों में जलन, और लगातार थकान। ये लक्षण अक्सर 'सिक बिल्डिंग सिंड्रोम' (SBS) के तहत आते हैं, जो एक ऐसी स्थिति है जहां लोग एक विशेष भवन में रहने के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं।

सुधार के उपाय: हालांकि, कुछ सरल उपायों से स्थिति में सुधार किया जा सकता है। जैसे कि अपने डेस्क पर एक छोटा व्यक्तिगत ह्यूमिडिफायर रखना, त्वचा के लिए सही मॉइस्चराइजर का उपयोग करना, और हर दो घंटे में बाहर जाकर ताजगी लेना। इसके अलावा, प्रिंटर और एयर वेंट्स से दूर बैठना भी फायदेमंद हो सकता है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

और पढ़ें
End of Article