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मानसून में क्यों बढ़ जाता है फूड पॉइजनिंग का खतरा? बचाव के लिए जरूर अपनाएं ये कारगर उपाय

Food poisoning In Monsoon : मानसून का मौसम हमारे शरीर को कितना भी अच्छा लगता हो, लेकिन ये हमारी सेहत के लिए काफी परेशानी खड़ी कर देता है। इस मौसम में डेंगू, मलेरिया जैसी कई तरह की बीमारियों का खतरा तो बढ़ता ही है, साथ ही फूड पॉइजनिंग का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। आज हम आपको इसके पीछे के कारण और बचाव के उपाय बताने जा रहे हैं।

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मानसून में फूड पॉइजनिंग (फोटो - Canva)

तपती गर्मी के बाद मानसून का सीजन भला किसे पसंद नहीं आता है। लेकिन ये मौसम हमारे लिए सुकून और समस्याएं एक साथ लेकर आता है। नमी के चलते वातावरण में बैक्टीरिया काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं, जिससे आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि मानसून में फूड पॉइजनिंग का खतरा क्यों बढ़ने लगता है। इसके साथ ही हम आपको इससे बचाव के कुछ कारगर उपाय भी बताने जा रहे हैं।

फूड पॉइजनिंग का खतरा मानसून में क्यों बढ़ता है?

मानसून में फूड पॉइजनिंग होने के कई कारण हो सकते हैं। जिसमें हवा में नमी का बढ़ जाना जिससे बैक्टीरिया का बढ़ना भी शामिल है। दरअसल बैक्टीरिया बढ़ने से हमारा खाना दूषित होने लगता है, जिससे फूड पॉइजनिंग बढ़ने लगती है। इसके अलावा बारिश में हमारा पीने का पानी भी दूषित होने लगता है, जिससे पॉइजनिंग का खतरा बढ़ता है। इसके बाद मानसून में खुले में रखा खाना जल्द संक्रमित हो जाता है, जिससे लोगों में फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ने लगता है।

फूड पॉइजनिंग से बचाव के उपाय

  • अपने आसपास सफाई का ख्याल रखें, जिससे बैक्टीरिया के कारण होने वाली समस्या से निपटा जा सके।
  • खाने को कच्चा खाने की जगह अच्छी तरह पकाएं जिससे उसमें मौजूद बैक्टीरिया को खत्म किया जा सके।
  • पानी का सेवन हमेशा फिल्टर करके या उबालकर ही करें, इससे बैक्टीरिया से बचाव करना संभव होता है।
  • बाहर से घर वापस आते ही हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से साफ करें, जिससे बैक्टीरिया, वायरस से बचाव हो सके।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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