Cesarean delivery in India : आज के समय में भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सिजेरियन डिलीवरी (Cesarean Delivery) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कुछ दशक पहले जहां 10 में से सिर्फ 1 या 2 महिलाओं को सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत प्रसव के दौरान होती थी, वहीं अब हर 3 में से 1 महिला प्रसव (delivery) के दौरान सिजेरियन प्रोसेस का सामना कर रही है। अब सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? तेजी से बढ़ रहे सिजेरियन मामलों के सवाल का जवाब देते हुए गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. शैफाली ने इसके पीछे कई कारण बताए हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे के प्रमुख कारण और बचाव के उपाय...
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉ. शैफाली की मानें तो पहले महिलाएं घर में रहते हुए भी काफी फिजिकल एक्टिविटी करती थीं। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान उनकी वजन बढ़ने की संभावना काफी कम हो जाती थी। महिलाएं पहले घर के रोजमर्रा के काम, सीढ़ियां चढ़ना जैसी एक्टिविटी शामिल थीं। इसके अलावा आज महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान काफी अनहेल्दी ईटिंग करते हैं, जिसमें वह जंक फूड, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों का सेवन करती हैं। ये सभी चीजें उनके वजन को बढ़ाने का काम करती है।
एक्सपर्ट की सलाह
नॉर्मल डिलीवरी कराने के लिए क्या करना चाहिए? इस सवाल का जवाब देते हुए गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. शैफाली कहती हैं कि खराब लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटी की कमी बढ़ते सिजेरियन डिलीवरी के पीछे मुख्य कारण है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान खुद को जितना हो सके उतना एक्टिव रखें, वजन न बढ़ने दें और हेल्दी डाइट लें। इस तरह आप नॉर्मल डिलीवरी के लिए खुद को तैयार कर सकती हैं।
बढ़ते सिजेरियन डिलीवरी के प्रमुख कारण
बढ़ती हेल्थ प्रॉब्लम
आजकल तेजी से खराब होती लाइफस्टाइल के कारण हेल्थ प्रॉब्लम जैसे मोटापा, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज जैसी बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। ये सभी वजह नॉर्मल डिलीवरी को मुश्किल बना देती हैं।
बढ़ती उम्र
पहले गर्भावस्था की उम्र 20-25 साल हुआ करती थी। जो आज बढ़कर 30 या उसके पार हो गई है। बड़ी उम्र में फर्टिलिटी की समस्याओं के साथ मसल्स का लचीलापन भी कम होता है। जिससे नॉर्मल प्रसव में समस्या होती है।
सुरक्षा का ध्यान
नॉर्मल के मुकाबले सिजेरियन डिलीवरी ज्यादा सुरक्षित है। क्योंकि ये एक काफी तेजी प्रक्रिया है। यही कारण है कि डॉक्टर जोखिम से बचने और समय बचाने के लिए सिजेरियन कराने की सलाह देते हैं।
