तेजी से बदलता समाज और इसमें तेजी से बदलती नौकरी की व्यवस्था कॉम्पटीशन के इस दौर में लोग घंटों काम में अपना समय बिता रहे हैं। वहीं महानगरों में निजी क्षेत्र में काम कर लोगों का तो और भी बुरा हाल है। 8 से 10 घंटे की वर्किंग शिफ्ट, काम खत्म करने की डेडलाइन, काम के लिए रोजाना 2-3 घंटे का ट्रैवल ये कई कारण हैं, जो आपकी नौकरी को काफी मुश्किल बना देते हैं। यही कारण है कि आज नौकरी करने वाला लगभग हर व्यक्ति काफी परेशान नजर आता है। लेकिन पैसे कमाने की होड़ में लोग ऐसी नौकरियां करने को मजबूर हैं। जो लंबे समय में आपकी सेहत को खराब कर सकती हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी रिपोर्ट के बारे में बताएंगे जो लोगों की बदलती हुई जॉब की प्राथमिकताओं पर नजर डालती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से....
क्या कहती है रिपोर्ट?
वैश्विक व्यावसायिक सेवा फर्म की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में काम कर रहे करीब 82 लोग अगले 1 साल में नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। इसके अलावा ये लोग नई नौकरी के बारे में फैसला लेते हुए अपनी सुविधाओं में किसी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहते हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय में काम कर रहे लोगों को मुख्य रूप से कंपनियों में 5 प्रकार के फायदे मिलते हैं। इसमें वर्क लाइफ बैलेंस, मेडिकल कवरेज, करियर डेवलपमेंट, पेड लीव और रिटायरमेंट सेविंग शामिल हैं। इन सभी सुविधाओं के साथ ही अब लोग नौकरी की तलाश करते हैं।
सेहत को प्राथमिकता
रिपोर्ट की मानें तो इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित लगभग दुनिया के 23 देशों के 9000 से अधिक कर्मचारियों को शामिल किया गया था। जो भारत में व्यापार की नई रणनीति और कर्मचारियों की नई-नई अपेक्षाओं पर प्रभाव डालता है। इस रिपोर्ट की मानें तो ज्यादातर कर्मचारी नौकरी में मिलने वाली मेडिकल सुविधाओं के बारे में जरूर बात करते हैं। क्योंकि इन दिनों लोगों में हेल्थ प्रॉब्लम का खतरा काफी बढ़ गया है।
