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काम पर फोकस करने में हो रही है दिक्कत? बस एक बार सीख लें ये वाला योगासन

गर्भासन योग के लाभ, Garbhasana Benefits: तनाव, चिंता से लेकर फोकस करने में दिक्कत हो रही है, तो आपके लिए गर्भासन करना फायदेमंद हो सकता है। यहां देखें गर्भासन क्या होता है, इसे करते कैसे हैं और गर्भासन को करने के फायदे क्या क्या हैं हिंदी में।

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Garbhasana

Garbhasana Benefits: योग भारतीय दर्शन और जीवनशैली का एक अमूल्य उपहार है। इसके नियमित करने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मन और आत्मा को शांति भी मिलती है। इसी कड़ी में एक योगासन है, जिसे करने मात्र से ही शरीर को स्थिरता और शांति मिलती है। इसका नाम है 'गर्भासन'। यह एक ऐसा योगासन है, जिसके करने मात्र से तनाव, चिंता कम होती है और एकाग्रता बढ़ती है।

क्या होता है गर्भासन

गर्भासन 'गर्भ' और 'आसन' शब्द से मिलकर बनता है। गर्भ का मतलब 'भ्रूण' होता है और आसन का मतलब 'मुद्रा'। इस आसन को करने पर शरीर की मुद्रा एक भ्रूण के समान होती है, जिस वजह से इसे गर्भासन कहा जाता है। इसको रोजाना कुछ मिनट करने मात्र से कई तरह के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।

कैसे करते हैं गर्भासन

गर्भासन को करने से कुछ दिन पहले कुक्कटासन का अभ्यास करें। जब आपका शरीर पूरी तरह संतुलित हो जाए, तभी गर्भासन का अभ्यास करना शुरू करें। इसे करने के लिए आप एक योगा मैट पर पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाएं। फिर, कुक्कटासन की तरह अपने हाथों को जांघों और पिंडलियों के बीच में फंसाकर कोहनियों तक बाहर निकालें। अब अपनी दोनों कोहनियों को मोड़ते हुए हाथों से दोनों कान पकड़ने की कोशिश करें। इस दौरान शरीर का पूरा भार कूल्हों पर होना चाहिए। सामान्य रूप से सांस लेते रहें और अपनी क्षमतानुसार इस स्थिति में रहने के बाद सामान्य हो जाएं।

बहुत हैं फायदे

आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस आसन को रोजाना करने से मानसिक शांति, तनाव में कमी और पीठ के निचले हिस्से में आराम मिलता है। साथ ही, प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिलती है। यह आसन शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में भी सहायक है। आयुर्वेद के अनुसार, गर्भासन से शरीर का लचीलापन और संतुलन शक्ति भी बढ़ती है। इसके करने से कलाइयों, भुजाओं, पैरों, कंधों, पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है और कूल्हों, घुटनों से संबंधित समस्याएं दूर हो जाती हैं। इसके अभ्यास से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं, लेकिन घाव या फिर अन्य कोई तकलीफ होने पर इस आसन का अभ्यास न करें।

इनपुट - आईएएनएस

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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