हेल्थ

कैसे CALM से दूर होगा टेंशन, AIIMS के डॉक्टर ने बताए मेंटल हेल्थ की समस्या के उपाय

World Mental Health Day 2023: दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। तकनीक, लाइफस्टाइल, काम का दबाव जैसे कारण मेंटल हेल्थ की प्रॉब्लम को बढ़ा रहे हैं। यहां जानें कि कैसे मानसिक सेहत को CALM के कॉन्सेप्ट से सुधारा जा सकता है। AIIMS के डॉक्टर नंद कुमार ने इस बारे में विस्तार से बताया।

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World Mental Health Day 2023

World Mental Health Day 2023: मेंटल हेल्थ दुनिया भर के लिए एक बड़ी समस्या के साथ साथ एक चुनौती भी बनकर उभर रहा है। मेंटल हेल्थ अब एक बड़ी महामारी में बदल चुका है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर 5 में से 1 व्यक्ति मानसिक बीमारी का शिकार है। वहीं भारत की बात करें तो यहां 6 करोड़ से अधिक लोगों के मानसिक बीमारियों से पीड़ित होने का अनुमान है। WHO के अनुसार, भारत में हर 1 लाख लोगों में 10.9 लोग सुसाइड करते हैं।

भारत में मेंटल हेल्थ की परेशानी को लेकर आज AIIMS में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे को सेलिब्रेट किया गया। आने वाले 10 अक्टूबर को मेंटल हेल्थ डे भी मनाया जाएगा।

AIIMS के ( डॉ. नंद कुमार, डिपार्टमेंट हेड, साइकेट्री) ने बताया कि कोरोना के बाद से ही मेंटल हेल्थ एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। खासकर युवाओं में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं जिसका कारण है स्ट्रेस या एंजाइटी। कोरोना में लोग अकेले रहे जिसके चलते ये ट्रेंड बढ़ा है। भारत में पहले 6 हजार साइकैट्रिस्ट थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 9 हजार हो गई है। लेकिन अब मरीज भी बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। मेंटल हेल्थ को लेकर अवेयरनेस सबसे ज्यादा जरूरी है, तभी इस हालात को बेहतर किया जा सकता है।

AIIMS के ( डॉ नंद कुमार, डिपार्टमेंट हेड, साइकेट्री) ने बताया कि वह अक्सर एक अंग्रेजी का शब्द कहता हूं वो है CALM जिसका मतलब होता है शांत, पीसफुल। अब अलग-अलग लेटर्स से इन अक्षरों का मतलब समझिए जो मेंटल हेल्थ की समस्याओं से छुटकारा दिलाएगा।

C: Connectivity (सोशल और इमोशनल कनेक्टिविटी जरूरी)

A: Activity (फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है मेंटल हेल्थ को ध्यान में रखते हुए)

L: Learning new things (नई चीजों को सीखते रहना)

M: Mindfulness (एक साथ कई चीजों को ना करके एक चीज पर फोकस रहना)

वहीं, कबीर जिन्होंने मेंटल हेल्थ पर किताब लिखी है और जो मेंटल हेल्थ फेस्टिवल प्रोग्राम मे शामिल होने के लिए पहुंचे थे उनका कहना है कि 16 साल की उम्र में उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से एंजायटी मेंटल स्ट्रेस टेंशन को खत्म कैसे करें, उस पर किताब लिखी है। वह कहते हैं कि भले ही उनकी उम्र छोटी है लेकिन आजकल यंग एज में भी लोग इस तरह की समस्याओं के शिकार हो रहे हैं इसीलिए मेंटल हेल्थ अवेयरनेस बहुत ज्यादा जरूरी है।

भावना किशोर
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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