Anxiety Disorder Symptoms: एंग्जायटी के केस भारत में बढ़ते जा रहे हैं। आजकल की दौड़ भाग में हमलोगों की जिंदगी में चिंता, तनाव और डिप्रेशन की समस्या आम बात हो गई है। ओवरथिंकिंग करना इसका सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि ओवरथिंकिंग की वजह से हम अपने दिमाग को आराम नहीं दे पाते हैं। दुख, निराशा, अवसाद एंग्जाइटी के कारण हैं। सही समय पर ध्यान न देने की वजह से यह भयानक रूप ले लेता है, जिसके कारण पैनिक अटैक यानि दौरे आते हैं। इसके अटैक में व्यक्ति को हर समय चिंता और घबराहट महसूस होती है।
एंजाइटी के सामान्य लक्षण-
- 1- अधिक टेंशन लेना इसका सबसे बड़ा लक्षण व कारण दोनों है। किसी बात को मन में बैठा लेना व किसी से शेयर ना कर पाना एंग्जाइटी का रूप ले लेता है। सांस फूलना, दिल की धड़कन का बढ़ना इसके लक्षणों में से एक है।
- एंग्जायटी के लक्षणों में से यह भी है कि व्यक्ति सही से सो नहीं पाता है। नींद पूरी ना हो या ना आधी रात में जग जाना इत्यादि एंग्जायटी के लक्षण हैं।
- एंग्जायटी से पीड़ित लोग सदैव दुखी रहते हैं। यह लोग कभी किसी किसी भी कंडीशन में संतुष्ट नहीं महसूस करते हैं।
- घबराहट, थकान समाज से कटे रहना, हर बात पर उत्तेजित हो जाना इत्यादि भी इसके लक्षणों में आता है।
एंग्जाइटी होने पर क्या करें?
एंग्जायटी जैसी गंभीर समस्या से बचने के लिए इंसान को सही समय पर इसके इलाज पर ध्यान देना चाहिए। इसके इलाज में दवाओं और परामर्श दोनों का इस्तेमाल अधिक कारगर साबित होगा। लोगों से मिलना जुलना हमारे दिमाग मन और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
हमें समाज से कटकर नहीं रहना चाहिए। साथ ही आप ऐसी चीजों में ध्यान लगाएं, जिससे आपको खुशी मिले, जैसे जानवरों के साथ समय बिताना, पेड़-पौधों जो आपके घर के आस-पास हों उनसे प्यार करना आपको एंग्जायटी से कुछ हद तक बचा सकता है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
