Viral Fever In Delhi NCR : पितृपक्ष के बाद देश में जहां एक तरफ त्योहारों की आहट होनी है। वहीं राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में इस समय एक वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। जी हां इस समय दिल्ली और एनसीआर के घरों में लगभग हर घर में वायरल संक्रमण के मरीज देखने को मिल रहे हैं। बारिश के बाद इस इस तरह के संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि मौसम में बढ़ी हुई नमी वायरस के फैलने के लिए सबसे उपयुक्त वातावरण बनाती है। इस समय दिल्ली में H3N2 वायरस का कहर देखने को मिल रहा है। आइए डॉक्टर की मदद से जानते हैं कि संक्रमण के बीच आपको किन बातों को जानना जरूरी है। H3N2 वायरस के संक्रमण को देखते हुए हमने बात की शारदा अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के वरिष्ठ सलाहकार- आंतरिक चिकित्सा, डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से...
सितंबर में क्यों बढ़ता है वायरल संक्रमण?
उत्तर भारत के शहरों खासकर दिल्ली-एनसीआर में सितंबर का महीना वायरल संक्रमण की बड़ी वजह बनता है। PLOS ग्लोबल पब्लिक हेल्थ की एक हालिया स्टडी के अनुसार, संक्रमण के मामले सितंबर-अक्टूबर के महीने में पीक पर हो जाते हैं। शोध में पता चला कि इन दो महीनों में भारत में नमी का स्तर काफी ज्यादा होता है, जो वायरस के फैलने के लिए उपयुक्त होता है।
क्या है H3N2 फ्लू?
H3N2 एक इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो लगभग हर साल बारिश के मौसम के बाद मौसमी फ्लू का कारण बनता है। इस वायरस का शुरुआती संक्रमण काफी साधारण लग सकता है, लेकिन इसके लक्षण जल्दी ही बदल जाता है। यही कारण है कि इसे कंट्रोल करना और इसका इलाज कर पाना मुश्किल हो जाता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कुछ जरूरी बातें
1. लक्षणों को पहचानें
डॉ. श्रेय श्रीवास्तव का कहना है कि वायरस के आम लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, बदन दर्द और थकावट शामिल हैं। जिसकी समय रहते पहचान कर लेने से इलाज में काफी आसानी होती है।
2. मास्क पहनना न भूलें
डॉ. की मानें तो इस वायरस से बचाव ही इससे सुरक्षा का सबसे बड़ा कदम है, इसलिए जब भी घर से बाहर निकलें, मास्क जरूर पहनें। यह वायरस को आपके शरीर में जाने से काफी हद तक रोकता है।
3. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें
भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने पर आपको सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का ख्याल जरूर रखना चाहिए। इसलिए लोगों से कम से कम 6 फीट की दूरी बनाकर रखनी चाहिए, वहीं ऐसी जगहों पर ध्यान ज्यादा रखें जो बंद हों।
4. हाथों की सफाई रखें
संक्रमण से बचाव के लिए आपको बाहर से घर में वापस आते समय साबुन से हाथ धोना या सैनिटाइजर से हाथ जरूर साफ करने चाहिए। क्योंकि ज्यादातर वायरस हाथों के द्वारा ही हमारे साथ आते हैं।
5. सही खानपान लें
डॉ. श्रेय श्रीवास्तव कहते हैं कि वायरस से बचाव के साथ खुद को वायरस से लड़ने के लिए भी तैयार करना चाहिए। इसके लिए आपको विटामिन सी और प्रोटीन युक्त आहार लेना चाहिए। जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे।
6. बाहर निकलने में सावधानी
इस समय तेजी से फैले संक्रमण से बचाव के लिए घर में रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। इसलिए यदि कोई आवश्यक काम न हो तो बाहर निकलने से बचें।
7. डॉक्टर से संपर्क करें
यदि आपको संक्रमण से जुड़े किसी भी तरह के कोई भी लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। क्योंकि याद रखें कि इलाज में देरी इसकी गंभीरता को बढ़ा देती है, जबकि जल्दी इलाज मिलने पर इसके गंभीर लक्षणों से बचा जा सकता है।
