Uric Acid Control Tips in Hindi: आज की दुनिया में बीमारियों से बचना बहुत मुश्किल हो गया है। गलत लाइफस्टाइल के कारण कई लोग कम उम्र में ही बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। देर रात तक जागना और खाने-पीने को लेकर लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। एक जगह बैठकर लंबे समय तक काम करना भी सेहत के लिए खतरनाक है। आजकल हर उम्र के लोग हाई यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे हैं।
यूरिक एसिड शरीर में एक अपशिष्ट उत्पाद है, जो लिवर में पैदा होता है और किडनी द्वारा मूत्र के माध्यम से बाहर निकलता है। अगर शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाए तो यह कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली के यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार, डॉ. अमरेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में बताया कि शरीर की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने के लिए यूरिक एसिड जरूरी है। जब तक यह सामान्य रहता है तब तक फायदा होता है, लेकिन जब यह बढ़ता है तो परेशानी शुरू हो जाती है।
डॉ. अमरेंद्र पाठक का कहना है कि आम तौर पर, महिलाओं के यूरिक एसिड का स्तर 2.5 से 6 mg/dL सामान्य माना जाता है। एक सामान्य वयस्क पुरुष यूरिक एसिड का स्तर 3.5 से 7 mg/dL होता है। अगर यह ज्यादा हो जाए तो यह शरीर के छोटे-छोटे जोड़ों जैसे हाथ-पैर की उंगलियों में थक्का जमने लगता है और गठिया की समस्या हो जाती है। गाउट एक प्रकार का गठिया है। कई बार यूरिक एसिड किडनी स्टोन (Kidney Stone) और किडनी फेल (Kidney Fail) होने का कारण भी बनता है। ऐसे में इसे इग्नोर न करें। गाउट शरीर के छोटे जोड़ों में होता है, आमतौर पर बड़े पैर की अंगुली, हालांकि यह पैरों, टखनों, घुटनों, हाथों और कलाई में भी हो सकता है। प्रभावित जोड़ या जोड़ सूजे हुए, कोमल और लाल हो जाते हैं और "गर्म" दिखते और महसूस होते हैं।
इस प्रकार यूरिक एसिड नियंत्रित रहेगा
डॉक्टर का कहना है कि गाउट का अटैक (Gout Attack) दुबारा न हो इसके लिए यूरिक एसिड के उत्पादन को रोकना जरूरी हो जाता है। इसके लिए आमतौर पर हम मरीज को एलोप्यूरिनॉल, फक्सोस्टाट (Febuxostat) देते हैं, जिससे यूरिक एसिड को नॉर्मल किया जा सके। इसके अलावा कुछ चीजों से परहेज करने के साथ ही अपने लाइफस्टाइल में कुछ आदतों को शामिल करना चाहिए।
- मांसाहारी और हाई प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट फिजिकल एक्टिविटी करें।
- स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं और संतुलित आहार का पालन करें।
- रोजाना 2-3 लीटर पानी पिएं और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं, डॉक्टर से सलाह लें।
इन बातों का ध्यान रखें
डॉ. अमरेंद्र पाठक कहते हैं कि प्राकृतिक तरीकों के साथ-साथ यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए दवाओं की भी सलाह दी जाती है। अगर आपका यूरिक एसिड लेवल हाई है। इसलिए दवाई लेना बहुत जरूरी है। इससे किसी को भी बेखबर नहीं रहना चाहिए। लापरवाही किडनी के लिए खतरनाक हो सकती है और कई अन्य गंभीर स्थितियों को जन्म दे सकती है। यूरिक एसिड की समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। ताकि शुरुआत में ही इसकी पहचान हो सके। समय पर इलाज करने से यूरिक एसिड (Uric Acid) की समस्या को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
