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शरीर में यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है? क्या होते हैं शुरुआती लक्षण, डॉक्टर से जानें कब बन जाता है जोड़ों के दर्द की वजह

Why Does Uric Acid Increase In Body Symptoms In Hindi: शरीर में यूरिक एसिड बढ़ना एक खतरनाक स्थिति है, जो बढ़ती उम्र के साथ और भी गंभीर हो जाती है। इसकी वजह से लोगों को काफी दर्द और तकलीफ का सामना करना पड़ता है। यहां जानें यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है और हाई यूरिक एसिड के लक्षण।

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Uric Acid Kyon Badhta Hai Lakshan In Hindi

Why Does Uric Acid Increase In Body Symptoms In Hindi: आजकल यूरिक एसिड की समस्या तेजी से बढ़ रही है और हर उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है। यह विशेष रूप से उन लोगों में आम है जो गलत खानपान और व्यस्त जीवनशैली के कारण अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाते। बढ़ा हुआ यूरिक एसिड केवल शारीरिक दर्द का कारण नहीं बनता, बल्कि यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित करता है। इससे चलने-फिरने, काम करने और यहां तक कि आराम करने में भी दिक्कत हो सकती है। बहुत से लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है, शरीर में यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है (uric acid kyon badhta hai sharir me), यूरिक एसिड के लक्षण (uric acid ke lakshan) क्या होते हैं, और इसे मैनेज करने के आसान उपाय क्या हैं। आपके इन सवालों का जवाब जानने के लिए हमने अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन विभाग के जाने माने डॉ. धर्मेंद्र कुमार (MD Internal Medicine) से बात की से बात की। इस लेख में विस्तार से जानें यूरिक एसिड बढ़ने बारे में सबकुछ...

यूरिक एसिड क्या होता है - What Is Uric Acid In Hindi

मेडलाइन प्लस की मानें तो यूरिक एसिड एक ऐसा पदार्थ है जो हमारे शरीर में प्यूरिन नाम के प्राकृतिक तत्व के टूटने से बनता है। यह शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन इसकी मात्रा संतुलित रहनी चाहिए। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है, तो यह कई समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे जोड़ों का दर्द, गाउट, और किडनी में पथरी। रक्त में प्यूरीन की अधिक मात्रा को ही हाई यूरिक एसिड कहा जाता है।

Uric acid kyon badhta hai

Uric acid kyon badhta hai

शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण - What Causes Uric Acid Increase In Body In Hindi

1. गलत खानपान

अगर आप ज्यादा मात्रा में रेड मीट, समुद्री भोजन, शराब, या सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, तो यह आपके शरीर में प्यूरिन का स्तर बढ़ा देता है, जिससे यूरिक एसिड ज्यादा बनता है।

2. शारीरिक गतिविधि की कमी

अगर आप ज्यादा समय बैठे रहते हैं या कोई एक्सरसाइज नहीं करते, तो मोटापा और यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा ज्यादा हो जाता है।

3. किडनी की समस्या

जब किडनी सही से काम नहीं करती, तो यह यूरिक एसिड को शरीर से पूरी तरह बाहर नहीं निकाल पाती है।

4. अन्य बीमारियां

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, और दिल की बीमारियां भी यूरिक एसिड बढ़ने का कारण बन सकती हैं।

5. परिवार से जुड़ा कारण

अगर आपके परिवार में किसी को पहले से यह समस्या रही है, तो आपको भी यह हो सकती है।

Urich Acid Badhne Ke Lakshan In Hindi

Urich Acid Badhne Ke Lakshan In Hindi

यूरिक एसिड बढ़ने के शुरुआती लक्षण - Early Symptoms Of Increased Uric Acid In Hindi

जोड़ों में दर्द और सूजन

अगर आपके पैरों के अंगूठे या किसी और जोड़ों में अचानक दर्द या सूजन हो, तो यह गाउट (Gout) का संकेत हो सकता है। यह यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे आम लक्षण है।

पेशाब में दिक्कत

बार-बार पेशाब आना, जलन महसूस होना या पेशाब का रंग गहरा होना यूरिक एसिड के बढ़ने का इशारा हो सकता है।

त्वचा पर खुजली और लाल निशान

अगर आपकी त्वचा पर खुजली होती है या लाल चकत्ते दिखते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह भी यूरिक एसिड बढ़ने का एक लक्षण हो सकता है।

थकान और सुस्ती

ज्यादा यूरिक एसिड से आपको बिना किसी वजह से थकान महसूस हो सकती है और शरीर में एनर्जी की कमी महसूस हो सकती है।

किडनी स्टोन

यूरिक एसिड ज्यादा होने से किडनी में पथरी बनने का खतरा बढ़ जाता है।

यूरिक एसिड कम करने के आसान उपाय - Uric Acid Kam Karne Ke Upay In Hindi

सही खाना खाएं: ऐसी चीजें खाएं जिनमें प्यूरीन में कम हो, जैसे ताजे फल, सब्जियां और हाई फाइबर वाले फूड्स।

ज्यादा पानी पिएं: दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं। इससे यूरिक एसिड पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद मिलती है।

वजन पर ध्यान दें: नियमित एक्सरसाइज करें और अपना वजन कंट्रोल रखें।

शराब और मीठे ड्रिंक्स से बचें: ये यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सीमित मात्रा में ही सेवन करें।

अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षण अक्सर नोटिस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट करवाएं। यूरिक एसिड बढ़ने के शुरुआती संकेतों को पहचानना और समय पर कदम उठाना बहुत जरूरी है। सही खानपान और स्वस्थ जीवनशैली से आप इसे आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। अगर लक्षण बढ़ते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।

With Inputs: Dr. Dharmendra Kumar, MD, Internal Medicine, Amrita Hospital, Faridabad.

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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