हेल्थ

India Health Summit 2025: बढ़ती तकनीक से कितना आसान हुआ महिलाओं को मेडिकल गाइडेंस मिलना, बच्‍चों की सेहत पर एक्‍सपर्ट्स ने दिए जवाब

Times Now India Health Summit 2025: टाइम्स नेटवर्क इंडिया हेल्थ समिट 2025 - साउथ एडिशन में महिलाओं और बच्चों की सेहत को लेकर दिग्गज डॉक्टर्स के साथ भविष्य में होने वाले जरूरी बदलावों को लेकर खुलकर चर्चा हुई। पढ़‍िए टाइम्‍स नाउ डिजिटल की मैनेजिंग एड‍िटर पूजा सेठी के साथ बातचीत में डॉक्‍टर्स ने क्‍या जवाब दिए।

Image

टाइम्स नेटवर्क इंडिया हेल्थ समिट 2025

Times Now India Health Summit 2025: 3 मई 2025 को हैदराबाद में टाइम्स नेटवर्क इंडिया हेल्थ समिट 2025 - साउथ एडिशन का आयोजन हुआ, जिसमें हेल्‍थ सेक्‍टर के कई बड़े नामोंने श‍िरकत की। इस समिट में एक खास बातचीत का सेशन महिलाओं और बच्चों की सेहत पर भी रखा गया। समिट के रीशेपिंग विमेन एंड चाइल्‍ड केयर इन इंड‍िश सेशन की होस्ट थीं टाइम्स नाउ डिजिटल की मैनेजिंग एडिटर पूजा सेठी। उन्होंने इस व‍िषय पर एक्सपर्ट्स से सीधे सवाल किए और जवाबों में काफी काम की जानकारी सामने आईं।

इस सेशन में देश के जाने-माने डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया कि कैसे तकनीक, सही जानकारी और सरकारी मदद से हम सेहत से जुड़ी बड़ी-बड़ी परेशानियों को हल कर सकते हैं।

पैनल में किन दिग्गज डॉक्टर्स ने लिया हिस्सा

चर्चा के पैनल में बर्थराइट बाय रेनबो हॉस्पिटल के प्रसूति एवं स्त्री रोग की क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. प्रणति रेड्डी, मैग्ना केंद्र के बाल रोग विशेज्ञ डॉ. शिवरंजनी संतोष, यशोदा अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जमुना देवी गुडीदेवुनी, लिटिल स्टार्स और शी वूमेन एंड चिल्ड्रन हॉस्पिटल और चॉइस फाउंडेशन के फाउंडर डॉ. सतीश घंटा (नियोनेटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिक इंटेंसिविस्ट) और अपोलो हॉस्पिटल्स की स्त्री रोग विशेषज्ञ, लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जन, डॉ. रूमा सिन्हा मौजूद रहे।

टाइम्स नेटवर्क इंडिया हेल्थ समिट में शामिल हुए दिग्गज डॉक्टर्स

टाइम्स नेटवर्क इंडिया हेल्थ समिट में शामिल हुए दिग्गज डॉक्टर्स

महिला स्वास्थ्य पर खुलकर हुई बातचीत

डॉ. प्रणति रेड्डी (बर्थराइट बाय रेनबो हॉस्पिटल) ने बताया कि हर साल करीब 35,000 महिलाएं प्रेग्नेंसी या डिलीवरी से जुड़ी दिक्कतों से जान गंवा देती हैं। उनका कहना था कि अगर समय रहते जांच हो और सही इलाज मिले, तो ये मौतें रोकी जा सकती हैं। उन्होंने कहा इस बात पर जोर दिया कि बचाव इलाज से बेहतर है।

बच्चों को मीठे से कैसे बचाएं

डॉ. शिवरंजनी संतोष (मैग्ना सेंटर) ने बच्चों को मिलने वाले प्रीमिक्स ड्रिंक्स को लेकर चिंता जताई जो कि आज के दौर का एक बड़ा मुद्दा भी है। उन्होंने बताया कि इन ड्रिंक्स में चीनी और गुड़ की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे बच्चे मीठे के आदी हो जाते हैं और बाद में मोटापा जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। उन्होंने कहा बच्‍चों के लिए -असली खाना खाइए, शॉर्टकट मत अपनाइए का मंत्र शेयर की। साथ ही इस समिट के मंच से उन्होंने सरकार से पैक्ड चीजों पर साफ जानकारी वाले लेबल लगाने की मांग भी की।

गांवों में महिलाओं को अब भी नहीं मिल रही पूरी देखभाल

डॉ. जमुना देवी गुडीदेवुनी (यशोदा अस्पताल) ने बताया कि गांवों में अभी भी कई महिलाएं अपने शरीर से जुड़ी परेशानियों पर खुलकर बात नहीं करतीं। साथ ही अस्पतालों तक पहुंचना भी मुश्किल होता है- न सड़कें हैं, न सही सुविधा। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना जैसे सरकारी प्लान अच्छे हैं, लेकिन भारत जैसे देश में अभी इन्हें और मजबूत करने की जरूरत है।

नवजात बच्चों की देखभाल में नई तकनीक की जरूरत

डॉ. सतीश घंटा (लिटिल स्टार्स हॉस्पिटल) ने बताया कि समय से पहले पैदा हुए बच्चों को संभालना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। इसके लिए अच्छा ICU, अनुभवी स्टाफ और नई तकनीक जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बच्चों की सेहत को पहले ही पहचाना और संभाला जा सकेगा।

रोबोटिक सर्जरी से महिलाओं को फायदा

डॉ. रूमा सिन्हा (अपोलो हॉस्पिटल्स) ने बताया कि अब रोबोट की मदद से ऑपरेशन करना आसान और सटीक हो गया है। इससे प्रेग्नेंसी, फाइब्रॉइड या कैंसर जैसी दिक्कतों में महिलाओं को जल्दी और बेहतर इलाज मिल रहा है।

मेनोपॉज पर खुलकर बात होनी चाहिए

डॉ. रेड्डी ने ये भी कहा कि मेनोपॉज (वो दौर जब महिलाओं के पीरियड बंद हो जाते हैं) पर लोग बात नहीं करते। लेकिन अब वक्त आ गया है कि हम इस पर खुलकर चर्चा करें, महिलाओं को समझाएं, और परिवार भी साथ दे।

Times Network India Health Summit 2025 Live Link - यहां आप लाइव देख सकते हैं:

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article