Vision Loss Problem: आंखें हमारे शरीर का एक अहम अंग होती हैं। यदि आंखे न हो या फिर आंखों की रोशनी कमजोर हो जाए, तो जीवन अंधकारमय हो जाता है। इसके अलावा रोशनी का कमजोर होना भी कई तरह परेशानी का सबब बन सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखों की रोशनी का कमजोर होना या विजन का कमजोर होना किन कारणों से होता है। दरअसल, आंखों की रोशनी को मेंटेंन रखने में विटामिंस मुख्य भूमिका निभाते हैं। वैसे, तो शरीर की ओवरऑल हेल्थ के लिए विटामिन्स और मिनरल्स बहुत जरूरी होते हैं, लेकिन यदि शरीर में विटामिन ए और विटामिन सी की कमी हो जाए, तो आंखों की रोशनी कम होने लगती है, जिससे विजन भी कमजोर होने लगता है। तो चलिए जानते हैं कि विजन प्रॉब्लम के लिए कौन से विटामिंस की कमी जिम्मेदार होती है।
'हेल्थलाइन' के मुताबिक, शरीर में यदि विटामिन की कमी हो जाए, तो इसकी वजह से थकान, कमजोरी, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा इस तरह की कमी से शरीर में बोन डेनसिटी लॉस और त्वचा के बदलते रंग की भी समस्या देखने को मिलती है।
विटामिन ए की कमी
शरीर में यदि विटामिन एक की कमी हो जाए, तो आंखे कमजोर होने लगती है। दरअसल, आंखों के कॉर्निया को स्वस्थ बनाए रखने के लिए विटामिन ए की जरूरत होती है। यदि शरीर में विटामिन एक की कमी हो जाए, तो इससे पिगमेंट्स का प्रोडक्शन रुक जाता है, जिससे नाइट ब्लाइंडनेस की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए आंखों की सेहत के लिए विटामिन एक बहुत जरूरी होता है।
विटामिन सी और बी 12 की कमी
आंखों की हेल्थ के लिए विटामिन सी और विटामिन बी 12 भी बहुत जरूरी होते हैं। यदि शरीर में इन दोनों विटामिन्स की कमी हो जाए, तो आंखों में नमी कम होने लगती है। इससे आंखों का पानी सूखने लगता है, जिससे विजन प्रॉब्लम हो सकती है। इसके साथ ही विटामिन बी 12 भी विजन लॉस का कारण बन सकता है। विटामिन बी 12 दिमाग और नर्व्स सेल्स के फंक्शन के लिए जरूरी होता है। यदि शरीर में विटामिन्स सी और बी 12 की कमी हो जाए, तो पेनलेस विजन लॉस हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
