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कमर तक पानी और गोद में 60 साल की बुजुर्ग... ओडिशा में बाढ़ के बीच देवदूत बनी आशा वर्कर, घर में फंसी महिला को निकाला

ओडिशा में उत्तर-पूर्वी हिस्सों में आई भीषण बाढ़ से 9 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 1,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है। वहीं भद्रक में एक आशा कार्यकर्ता की जांबाजी की तस्वीर सामने आई है।

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आशा वर्कर ने बुजुर्ग महिला को गोद में उठाकर बचाई जान

Odisha News: ओडिशा के उत्तरी जिलों में भारी बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, क्योंझर और केंद्रपाड़ा सहित छह जिलों में 9 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। हालात से निपटने के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावित छह जिलों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज का ऐलान किया है।

बाढ़ के पानी में आशा कार्यकर्ता मिंटी साहू की जांबाजी

आपदा के इस कठिन समय में भद्रक जिले के धामनगर ब्लॉक से इंसानियत और साहस की मिसाल सामने आई है। धामनगर ब्लॉक में बाढ़ का पानी घरों में घुसने के बाद एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला संकट में फंस गई थीं। सूचना मिलते ही आशा कार्यकर्ता मिंटी साहू बिना किसी हिचकिचाहट के जलमग्न रास्ते को पार करते हुए पहुंचीं और कोई अन्य साधन न होने पर बुजुर्ग महिला को अपने कंधों पर लादकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उनकी इस हिम्मत की चौतरफा सराहना हो रही है।

निरीक्षण के दौरान बीजेडी नेता को सांप ने काटा

बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे नेताओं को भी आपदा की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रपाड़ा जिले के पट्टामुंडई ब्लॉक (राजनगर विधानसभा क्षेत्र) में बीजेडी नेता और पूर्व विधायक अंशुमान मोहंती जब घुटने तक भरे बाढ़ के पानी में चलकर स्थिति का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उन्हें एक सांप ने काट लिया। घटना के बाद उन्हें तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इलाज कर रहे डॉक्टर ललित मोहन रथ ने बताया कि मोहंती फिलहाल पूरी तरह ठीक हैं और उनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे हैं, हालांकि एहतियात के तौर पर उन्हें निगरानी में रखा गया है।

किसानों और क्षतिग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1,000 करोड़ का पैकेज

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा घोषित पैकेज के तहत प्रभावित किसानों और बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए सीधे मदद दी जाएगी। गैर-सिंचित क्षेत्रों में फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा। सिंचित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान पर 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता। बारहमासी फसलों के नुकसान के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाएगी। धान व अन्य बीज खरीदने के लिए आर्थिक सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। प्रभावित किसानों को मुफ्त सब्जी मिनी-किट और कीट-रोग प्रबंधन के लिए 75% सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त सिंचाई परियोजनाओं की युद्धस्तर पर मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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