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10 सेकंड में जानें सिर से लेकर पैर तक की सेहत का हाल! डॉक्टर ने बताया घर बैठे कैसे करें चेकअप

Health Test at Home: सेहत का हाल जानने के लिए हमेशा सिर्फ महंगे और जटिल हेल्थ चेकअप की जरूरत नहीं होती, कभी-कभी आसान और बेहद सरल प्रयोग भी आपकी सेहत का सटीक अंदाजा लगा पाते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक हेल्थ चेकअप के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे एक डॉक्टर से बताया है। जानें इसके बारे में।

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घर बैठे कैसे करें सेहत की जांच?

Health Test at Home: सेहत का हालचाल समय-समय पर जानते रहना चाहिए, इससे बड़ी बीमारियों से बचाव में आसानी हो सकती है। जी हां डॉक्टर्स भी आपको साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप कराने की सलाह जरूर देते हैं। लेकिन सेहत का हाल जानने के लिए हमेशा सिर्फ महंगे हेल्थ चेकअप ही कराने की जरूरत नहीं होती। क्योंकि कभी-कभी आसान और घर में किए जाने वाले सरल प्रयोग भी आपकी सेहत का अंदाजा लगा पाते हैं। हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने एक आसान हेल्थ चेकअप के बारे में बताया है जो बस 10 सेकंड में ही आपकी सेहत के सारे दबे राज खोल देगा।

क्या है यह 10-सेकंड का हेल्थ चेकअप?

डॉ. सुधीर कुमार की मानें तो इस टेस्ट में आपको एक पैर पर 10 सेकंड खड़ा होना। जिसमें आंखें खुली रखें, किसी दीवार या सहारे के पास खड़े हों ताकि गिरने का खतरा न हो। अगर आप बिना सहारे या झटके के 10 सेकंड तक संतुलन बनाए रख पाते हैं, तो यह दिखाता है कि आपकी बॉडी फिट है। आपका दिल, दिमाग, तंत्रिका-तंत्र और मांसपेशियां सभी अपना काम ठीक तरह से कर पा रहे हैं। हालांकि ये 10 सेकंड का समय केवल 50 साल या उससे अधिक उम्र वाले लोगों के लिए है।

वहीं यदि आपकी उम्र 40 साल या उससे कम है, तो आपको इस चेकअप के दौरान कम से कम 45 सेकंड तक सीधे खड़े रहना चाहिए। यदि आप इस उम्र में भी 10 सेकंड भी खड़े नहीं हो पाते हैं, तो आपको बिना देर किए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि यह किसी छुपे हुए न्यूरो, न्यूरोलॉजिकल या कार्डियो-मस्कुलर समस्या का संकेत हो सकता है।

कैसे कारगर है ये चेकअप?

इस सिंपल हेल्थ चेकअप के दौरान आपके हिप्स, पैरों की मांसपेशियां, एंकल जॉइंट्स और मस्तिष्क जैसे अंग मिलकर काम करते हैं, जिससे आपकी ओवरऑल हेल्थ की एक रिपोर्ट देखने को मिलती है। वहीं साल 2022 में हुए एक अध्ययन में बताया गया कि कि जो लोग इस टेस्ट में 10 सेकंड भी नहीं टिक पाए उनके लिए अगले 7 साल में मौत का खतरा दोगुना पाया गया। इस टेस्ट की खासियत यह है कि इसे करने के लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती है, इसलिए आप इसे कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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