Low Sperm Count Signs And Symptoms In Hindi: पुरुषों में स्पर्म काउंट की कमी या खराब क्वालिटी की समस्या आजकल काफी देखने को मिल रही है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसके कारण पुरुषों में बांझपन की समस्या होती है। इसके चलते लाख कोशिशों के बाद पुरुष पिता बनने का सुख प्राप्त नहीं कर पाते हैं। इसके साथ-साथ स्पर्म काउंट कम होने की वजह से पुरुषों में सेक्स से जुड़ी समस्याएं देखने को भी मिल सकती हैं। यह एक शादी-शुदा जोड़े के संबंधों को भी खराब करने में योगदान दे सकता है। स्पर्म काउंट की कमी के कारण पुरुषों की यौन इच्छा में कमी और शीघ्रपतन जैसी समस्याएं भी देखी जाती हैं। अच्छी बात यह है कि अगर पुरुष स्पर्म काउंट की कमी के लक्षणों को शुरुआत में ही पहचान लें, तो वे समय रहते इनमें सुधार कर सकते हैं और बांझपन जैसी स्थिति से बच सकते हैं। बहुत से पुरुष अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि आखिर पुरुषों में स्पर्म काउंट कम होने के कारण क्या होते हैं और इसकी कमी होने पर क्या-क्या संकेत और लक्षण देखने को मिलते हैं? इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं...
पुरुषों में स्पर्म काउंट की कमी के संकेत और लक्षण- Signs And Symptoms Of Low Sperm Count In Men In Hindi
- संभोग के दौरान प्रदर्शन में कमी
- यौन गतिविधियों में रुचि कम होना
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
- पिता न बन पाने की समस्या
- शारीरिक रूप से दिनभर थका हुआ महसूस होना
- त्वचा पर बालों की ग्रोथ कम होने, जैसे हाथ और चेहरे के साथ-साथ अन्य हिस्से
- अंडकोष के आसपास दर्द रहना, गांठ और सूजन जैसी स्थितियां
- चेस्ट या स्तनों का असामान्य रूप से बढ़ना
पुरुषों में स्पर्म काउंट कम होने के कारण क्या हैं- Causes Of Low Sperm Count In Hindi
- खराब खानपान और शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना
- पर्याप्त नींद न लेना और नींद से जुड़ी समस्याएं
- शराब का सेवन करने
- बार-बार स्मोकिंग करना
- बढ़ती उम्र में स्पर्म काउंट कम होना आम है
- पोषण की कमी के कारण स्पर्म काउंट कम हो सकता है
- जंक, प्रोसेस्ड, मीठे और अनहेल्दी फूड्स का अधिक सेवन करना।
- मानसिक स्थितियां जैसे एंग्जायटी, डिप्रेशन और तनाव आदि
- आनुवांशिकी भी एक बड़ा कारण है
- प्राइवेट पार्ट में चोट लगना, किसी तरह की सर्जरी या कोई पुरानी बीमारी
- टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी
अगर पुरुष ऊपर बताए गए संकेत और लक्षण नोटिस करते हैं, तो ऐसे में उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर के उपचार के साथ जीवनशैली में सुधार, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट के साथ स्पर्म काउंट बढ़ाया जा सकता है और इनकी गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
