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ईरान पर ट्रंप ने फिर बदला प्लान, क्या होर्मुज संकट होगा दूर या और भड़केगा महायुद्ध?

ट्रंप ने अपनी आदत के अनुरूप यू-टर्न लिया है और हमले रोकने की बात कही है। ईरान पर ट्रंप ने फिर क्यों बदला प्लान, क्या होर्मुज संकट होगा दूर या और भड़केगा महायुद्ध, इसे समझने की कोशिश करते हैं।

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क्या है ट्रंप का ईरान प्लान?
Authored by: Amit Mandal
Updated Aug 2, 2026, 14:03 IST
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Trump Iran Plan: वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला फैसला लेते हुए ईरान पर होने वाले बड़े सैन्य हमले को फिलहाल रद्द कर दिया है। ईरान पर बड़े हमले की आए दिन धमकियां देने वाले ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान और अन्य मध्य-पूर्व के देशों के अनुरोध पर यह कदम उठाया गया है, क्योंकि दोनों पक्ष एक नए समझौते की रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं। इस संभावित शांति समझौते में इजरायल भी अमेरिका के साथ शामिल है। बहरहाल, ट्रंप ने अपनी आदत के अनुरूप यू-टर्न लिया है और हमले रोकने की बात कही है। ईरान पर ट्रंप ने फिर क्यों बदला प्लान, क्या होर्मुज संकट होगा दूर या और भड़केगा महायुद्ध, इसे समझने की कोशिश करते हैं।

ट्रंप ने क्या दावा किया?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा: अमेरिका ईरान के खिलाफ द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक की सबसे भीषण सैन्य ताकत और ताकत के स्तर पर हमला करने के लिए पूरी तरह 'लॉक्ड एंड लोडेड' यानी (तैयार) था। इसके बावजूद, हमसे ईरान और अन्य मध्य-पूर्व के देशों ने हमला रोकने का आग्रह किया है, क्योंकि एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है।

समझौते की दो सबसे बड़ी शर्तें

ट्रंप ने साफ किया कि हमला टालने का यह फैसला पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि ईरान कितनी जल्दी इस समझौते को अंतिम रूप देता है। इस डील के तहत दो मुख्य शर्तें रखी गई हैं।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के इस सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को तुरंत, पूरी तरह और बिना किसी बाधा के अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोला जाएगा।
  • परमाणु कार्यक्रम पर रोक: ईरान के बढ़ते परमाणु खतरे को हमेशा के लिए पूरी तरह से समाप्त किया जाएगा।

ट्रंप ने आगे कहा, विश्व के भविष्य के लाभ और एक सफल व समृद्ध ईरान के अस्तित्व के लिए, मैं इस हमले को रद्द करने पर सहमत हुआ हूं, बशर्ते कि एक त्वरित समझौता हो सके। इजरायल देश भी इस प्रतिबद्धता में मेरे साथ है। उन्होंने सभी पक्षों के वार्ताकारों से कहा, काम पर लग जाओ और इसे पूरा करो।

सऊदी ने भी की थी अपील

ट्रंप की इस घोषणा से ठीक कुछ घंटे पहले मध्य-पूर्व में युद्ध की आशंका चरम पर पहुंच गई थी। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) पर इस सप्ताहांत ही बड़े हमलों की तैयारी थी। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के नेताओं से बात कर चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका या इजरायल ने कोई भी 'दुस्साहसिक कदम' उठाया, तो ईरान बेहद आक्रामक और करारा जवाब देगा। ईरान समर्थक मीडिया ने धमकी दी थी कि अमेरिकी हमले की स्थिति में सऊदी अरब और यूएई (UAE) के तेल क्षेत्रों तथा कतर के गैस क्षेत्रों को राख में मिला दिया जाएगा।

इस महायुद्ध के खतरे को देखते हुए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने भी शनिवार को ट्रंप से फोन पर बात की थी और चिंता जताई थी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो खाड़ी देशों के तेल ठिकाने भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। उन्होंने ट्रंप से तनाव कम करने की अपील की थी।

क्या होर्मुज संकट होगा दूर या होगा महायुद्ध?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला मध्य-पूर्व के इस 5 महीने पुराने संकट में एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित यू-टर्न है। एक तरफ जहां हमला टलने से पूरी दुनिया ने फौरी राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ यह शांति केवल एक कच्चे धागे के भरोसे टिकी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि हमला सिर्फ टाला गया है, 'कैंसिल' नहीं—और यह पूरी तरह से ईरान के तुरंत झुकने और शर्तों को मानने पर निर्भर है।

अतीत गवाह है कि इससे पहले जून में हुआ अंतरिम समझौता भी कुछ ही हफ्तों में टूट गया था जब होर्मुज स्ट्रेट में फिर से जहाजों पर हमले शुरू हो गए थे। अब सवाल यह उठता है कि क्या ईरान सच में अपनी संप्रभुता और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को दांव पर लगाकर इस डील को स्वीकार करेगा? या फिर यह रणनीतिक शांति केवल एक बड़े तूफान से पहले का सन्नाटा है? अगर यह बातचीत विफल होती है, तो 'लॉक्ड एंड लोडेड' अमेरिका और जवाबी हमले के लिए तैयार ईरान के बीच भड़कने वाली आग सिर्फ होर्मुज जलडमरूमध्य को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को एक विनाशकारी महायुद्ध की धकेल सकती है।

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