Side Effects Of Watching Tv Or Using Mobile While Eating: आजकल की तेज-तर्रार जिंदगी में लोगों को एक साथ कई काम करने की आदत लग गई है। खासतौर पर खाना खाते वक्त मोबाइल चलाना या टीवी देखना आम बात हो गई है। आप भी शायद ऐसा रोज करते होंगे, थाली हाथ में और नजरें स्क्रीन पर। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये छोटी-सी आदत आपकी सेहत पर बड़ा असर डाल सकती है? रिसर्च कहती है कि करीब 90% लोग खाने के समय किसी न किसी स्क्रीन से जुड़े रहते हैं और यही वजह है कि मोटापा, डायबिटीज और पाचन से जुड़ी दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। आइए समझते हैं इसके खतरे।
मोबाइल या टीवी देखते हुए खाने के नुकसान - Disadvantages Of Watching Tv Or Mobile While Eating In Hindi
ध्यान भटकने से ओवरईटिंग का खतरा
जब हम टीवी देख रहे होते हैं या मोबाइल स्क्रॉल कर रहे होते हैं, तो हमारा ध्यान खाने पर नहीं रहता। ऐसे में दिमाग को यह महसूस नहीं होता कि पेट भर चुका है और हम जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। इससे वजन बढ़ने का खतरा बहुत ज्यादा होता है, जो आगे चलकर मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और यहां तक कि डायबिटीज जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।
खाना ठीक से चबाना भूल जाते हैं
मोबाइल या टीवी पर ध्यान लगने से हम खाना ठीक से चबाते नहीं हैं। जल्दी-जल्दी खाना निगलने से पाचन खराब होता है और गैस, एसिडिटी, कब्ज जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जब खाना अच्छी तरह से चबाया नहीं जाता, तो शरीर को पोषक तत्व भी पूरी तरह से नहीं मिलते।
बच्चों के मानसिक विकास पर असर
बच्चों को खाना खिलाते समय अगर उन्हें मोबाइल पकड़ा दिया जाए, तो वे खाना तो खा लेते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत उनकी सोचने-समझने की क्षमता को कम कर देती है। उनकी आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है और उनका सामाजिक व्यवहार कमजोर हो सकता है। साथ ही, वे बिना स्क्रीन के खाना नहीं खा पाते, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।
दिल की सेहत को नुकसान
ज्यादा टीवी देखने या मोबाइल इस्तेमाल करने से हम शारीरिक रूप से निष्क्रिय हो जाते हैं। यह आदत खाने के साथ जुड़ जाए तो शरीर में फैट जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
खाने का स्वाद और आनंद छिन जाता है
जब आप ध्यान लगाकर खाना खाते हैं, तो हर निवाले का स्वाद महसूस होता है और मन भी संतुष्ट होता है। लेकिन स्क्रीन देखने में व्यस्त रहने पर न तो खाना अच्छे से समझ आता है, न ही उसका स्वाद। धीरे-धीरे खाना सिर्फ एक आदत बन जाती है, न कि अनुभव।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
