मुंबई. देश के कई हिस्सों में शीत लहर चल रही है। वहीं, पहाड़ की वादियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। कई जगह तापमान पांच डिग्री से भी कम हो गया है। ऐसे में हर कोई स्वेटर, जैकेट पहनकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। वहीं, कई लोग दस्ताने,टोपी और मोजे पहनकर अपने हाथ, पैर और कान को ठंड से बचा रहे हैं। रात को सोते समय कई बार स्वेटर, मोजे और टोपी पहनकर सोते हैं। ये ठंड से बचाव तो करता है लेकिन, कई बार ये जानलेवा साबित हो सकती है। यहां तक कि मिर्गी का दौरा पड़ने का खतरा पड़ सकता है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक ऊन हीट इंसुलेटर है। इसके रेशो में भारी मात्रा में एयर ट्रैप हो जाती है। ये शरीर में पैदा होने वाली गर्माहट को लॉक कर देता है। स्वेटर, मोजे और टोपी पहनकर सोने से खून के सर्कुलेशन में कमी आ सकती है। इसके अलावा दम भी घुट सकता है। वहीं, नींद में भी कमी आती है। यदि गर्म कपड़ों के कारण एलर्जी हो रही है तो शरीर कई संकेत देता है। इनमें से कुछ प्रमुख हैं- सांस लेने में दिक्कत होना। बार-बार खुजली होना, रैशेज की समस्या, बार-बार खांसी आना और नाक बहना आदि।
हो सकते हैं ये खतरे
मोजे पहनकर सोने से दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। दरअसल मोजे पहनकर नसों में दबाव पड़ता है। इस कारण से खून पंप करने में दिल को ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। आप यदि सॉक्स पहनकर सोते हैं तो स्किन एलर्जी का भी खतरा हो सकता है। इसके अलावा गर्म कपड़े पहनकर सोने से मिर्गी के दौरे पड़ने की संभावना सबसे अधिक होती है। वहीं, ओवरहीटिंग के कारण रात को बैचेनी की दिक्कत हो सकती है। इससे बचने के लिए आप कॉटन के सॉक्स पहनकर सो सकते हैं।
सर्दियों में ऊनी टोपी बालों की स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकती है। दरअसल ऊनी कपड़े पहनने से स्कैल्प में खुजली हो सकती है। इस कारण से स्कैल्प में इनफेक्शन भी हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
