Side Effects And Symptoms of Vitamin-D Overdose : शरीर में किसी भी पोषक तत्व की कमी या अधिकता दोनों की नुकसानदायक होती हैं। बात करें विटामिन D की तो ये शरीर के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह हड्डियों को मजबूती देता है और कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हं कि जब विटामिन-डी की मात्रा शरीर में जरूरत से अधिक हो जाए तो यह नुकसान पहुंचाती है। जी हां ये कंडीशन विटामिन-डी का ओवरडोज (Vitamin D Toxicity) कहलाता है। आइए जानते हैं शरीर में विटामिन-डी की अधिकता के प्रमुख लक्षण...
क्यों होती है विटामिन-डी ओवरडोज?
विटामिन-डी की ओवरडोज का साफ मतलब है कि इसकी मात्रा शरीर में आवश्यकता से अधिक हो गई है। जी हां ऐसा अक्सर आर्टिफिशियल तरीके से विटामिन-डी की डोज लेने पर होता है। जी हां डॉक्टर द्वारा बताई गई डोज से ज्यादा विटामिन-डी की मात्रा लेना आपको इस कंडीशन में ले जाता है। इसकी अधिकता इसलिए खतरनाक है, क्योंकि इससे आपके ब्लड में कैल्शियम का जमाव होने लगता है।
विटामिन-डी की अधिकता के लक्षण
- शरीर में विटामिन-डी की अधिकता होने पर मतली, उल्टी और पेट में दर्द जैसी समस्या हो सकती है।
- शरीर में विटामिन-डी ज्यादा होने पर बिना काम किए भी थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस होती है।
- विटामिन -डी की ओवरडोज से शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है, जिससे प्यास अधिक लगती है और डिहाइड्रेशन हो सकता है।
- कैल्शियम का स्तर बढ़ने से किडनी पर असर पड़ता है और बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है।
- शरीर में विटामिन-डी की अधिकता होने पर आपको भूख की अधिकता का सामना करना पड़ सकता है।
विटामिन-डी की कितनी मात्रा सेफ है?
विटामिन-डी की पूर्ति ऐसे तो हमें नेचुरल सोर्स से करनी चाहिए। लेकिन जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर का परामर्श लेना जरूरी है। इसके लिए आवश्यक ब्लड टेस्ट जरूर करा लें। एक व्यस्क व्यक्ति के लिए रोजाना 6000 IU विटामिन-डी पर्याप्त होता है।
