आज तेजी से बदलते समय और असुरक्षित यौन संबंधों के चलते आजकल बिना प्लान के होने वाले गर्भधारण के खतरे काफी बढ़ गए हैं। इसको सच साबित करते है ये आंकड़े कि आज गर्भनिरोधक गोलियों की खपत भारतीय बाजार में काफी तेजी से बढ़ रही है। यौन संबंधों से जुड़े मामले होने के कारण ज्यादातर महिलाएं शर्म के कारण किसी डॉक्टर से संपर्क करने में शर्मिंदगी महसूस करती हैं। यही कारण है कि हमारे देश में गर्भनिरोधक गोलियों को लोग सामान्य केमिस्ट की दुकान से खरीद कर इस्तेमाल करते हैं। जो किसी भी तरह से सही नहीं है। यदि आप भी अक्सर ऐसा करते हैं, तो आपको ये लेख पूरा पढ़ना चाहिए। आज हम आपको गर्भनिरोधक गोलियों के साइड इफेक्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें जानकर आप कभी भी इन गोलियों का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करेंगे। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
कितने समय तक होता है इस्तेमाल?
इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल या आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली का इस्तेमाल असुरक्षित यौन संबंध के बाद हुए गर्भधारण से बचाव के लिए किया जाता है। इन गोलियों को मॉर्निंग-आफ्टर पिल्स के नाम से भी जाना जाता है। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट इन गोलियों को 24 से 72 घंटे के बीच खाने की सलाह देते हैं। हालांकि इनके रिजल्ट पर 100% विश्वास नहीं किया जा सकता है। क्योंकि ऐसे भी कई मामले सामने आए हैं जिसमें पिल्स खाने के बाद महिला को गर्भ धारण हो गया था।
गर्भनिरोधक गोलियां लेने के नुकसान
- इन गोलियों के इस्तेमाल के बाद आपको मेन्स्ट्रुअल स्पॉटिंग यानी योनि से खून आने की समस्या हो सकती है। हालांकि यह 2-3 माह तक ही होता है।
- गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल के बाद आप जी मिचलाना और उल्टी आना जैसी समस्याओं से परेशान हो सकते हैं।
- इसके अलावा इसके साइड इफेक्ट में आपको गंभीर सिर का दर्द महसूस हो सकता है।
- तेजी से वेट गेन होना भी गर्भनिरोधक गोलियों का एक बड़ा संकेत हो सकता है।
- गर्भनिरोधक गोलियों के साइड इफेक्ट में यौन इच्छा में कमी आना भी शामिल है।
