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Self-Care Awareness Day: सिर्फ क्रीम-पाउडर लगाना ही सेल्फ केयर नहीं, जानें क्या होता है Self-Care का असली मतलब, नोट करें आसान रुटीन

Self Care Kya Hota Hai Aur Kyon Jaruri Hai: क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों जरूरी है दूसरों से पहले खुद की सेहत और मानसिक स्थिति का ख्याल रखना? हम सभी आजकल की व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद से पहले दूसरों के बारे में सोचते हैं, जबकि वास्तव में खुद की देखभाल करना सबसे ज्यादा जरूरी है। यही वजह है कि हर साल 24 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय सेल्फ केयर दिवस मनाया जाता है, ताकि लोग सेल्फ-केयर को लेकर जागरूक बन सकें। आज के इस लेख में हम जानेंगे सेल्फ-केयर क्या है, फिजिकल और इमोशनल हेल्थ के लिए क्यों जरूरी है और कुछ सरल सेल्फ-केयर टिप्स।

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सेल्फ-केयर क्या है?

Self Care Kya Hota Hai Aur Kyon Jaruri Hai: हम सब अपनी जिंदगी में इतने बिजी हो गए हैं कि खुद को वक्त देना जैसे कोई लग्जरी बन गया है। घर की जिम्मेदारियां, ऑफिस की डेडलाइंस, रिश्तों की टेंशन जैसी स्थितियों के चलते सबसे ज्यादा हम किसे नजरअंदाज करते हैं - सिर्फ खुद को। लेकिन हम कभी यह नहीं सोचते हैं कि आखिर जब तक आप खुद का ख्याल नहीं रखेंगे, तो किसी और का ठीक से साथ भी नहीं दे पाएंगे। लोगों के बीच सेल्फ-केयर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 24 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय सेल्फ केयर दिवस (International Self-Care Day) मनाया जाता है।

यह दिन में एहसास दिलाता है कि खुद की देखभाल करना कोई स्वार्थ नहीं बल्कि जरूरत है। छोटी-छोटी आदतें जैसे टाइम से सोना, सही खाना, थोड़ा चलना या बस कुछ देर सुकून से बैठना हमारी सेहत और मन दोनों को हेल्दी रखते हैं। आज के इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर सेल्फ-केयर क्या होता है और क्यों जरूरी है? साथ ही अपने रोज के जीवन में आप कैसे सेल्फ-केयल कर सकते हैं- वह भी बिलकुल आसान और रियल तरीके से।

सेल्फ-केयर क्या है? (What is Self-care in Hindi)

फोर्टिस अस्पताल, फरीदाबाद में न्यूरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. विनीत बंगा की मानें तो सेल्फ-केयर का मतलब है - खुद के शरीर, मन और भावनाओं की देखभाल। ये कोई बहुत बड़ी या खर्चीली चीज नहीं है। बहुत लोग सोचते हैं कि सेल्फ-केयर यानी पार्लर जाना, महंगे मसाज करवाना या वेकेशन लेना। लेकिन असली सेल्फ-केयर तो वो होता है जो आप हर रोज अपने लिए करते हैं जैसे - सुबह उठकर एक गिलास पानी पीना, मोबाइल को कुछ देर साइड में रखकर अपने मन की सुनना, या थोड़ी देर सुकून से टहलना।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो वह सभी काम सेल्फ-केयर में शामिल होते हैं, जिन्हें हम अपनी सेहत बेहतर बनाने, बीमारियों से बचने और बेहतर जीवन के लिए खुद करते हैं। ये फिजिकल हेल्थ, मानसिक संतुलन और इमोशनल वेलनेस तीनों को जोड़ता है।

सेल्फ-केयर का क्या मतलब है? (फोटो: istock)

सेल्फ-केयर का क्या मतलब है? (फोटो: istock)

सेल्फ-केयर क्यों जरूरी है? (Importance of Self-care in Daily Life)

बीएलके मैक्स अस्पताल, नई दिल्ली में कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. भानु मिश्रा बताते हैं कि आजकल हर कोई स्ट्रेस में है। काम का प्रेशर, फाइनेंशियल टेंशन, सोशल मीडिया की रेस के चलते लोग काफी तनाव में रहते हैं। और हम ये मानकर चलते हैं कि चलो सब ठीक हो जाएगा! लेकिन अगर आप खुद का ध्यान नहीं रखेंगे तो धीरे-धीरे आपकी बॉडी और माइंड जवाब देने लगेंगे। जब आप सेल्फ-केयर को अपनाते हैं तो इससे आपको ये फायदे होंगे-

  • स्ट्रेस लेवल कम होता है
  • नींद बेहतर आती है
  • इम्यून सिस्टम मजबूत होता है
  • हार्ट हेल्थ और शुगर कंट्रोल में रहता है
  • मन शांत और फोकस बना रहता है

यह सिर्फ आपको हेल्दी बनाता है बल्कि आपके रिश्तों, काम और सोच पर भी पॉजिटिव असर डालता है। जो इंसान खुद से जुड़ा होता है, वो हर चुनौती को बेहतर तरीके से हैंडल कर पाता है। साथ ही लाइफस्टाइल की वजह से होने वाली बीमारियों से भी आपका शरीर बचा रहता है।

सेल्फ-केयर क्यों जरूरी है? (फोटो: Istock)

सेल्फ-केयर क्यों जरूरी है? (फोटो: Istock)

शारीरिक हेल्थ के लिए सेल्फ-केयर टिप्स (Physical Self-Care Tips in Hindi)

  • हर दिन कम से कम 30 मिनट चलें, योग करें या हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें
  • प्रोसेस्ड और तली-भुनी चीजों से दूरी बनाएं, ताजा खाना खाएं
  • दिनभर में 8-10 गिलास पानी पिएं
  • 7-8 घंटे की नींद जरूर लें
  • शराब, सिगरेट और देर रात तक जागने की आदतें कम करें
  • समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप खुद को बड़ी बीमारियों से बचा सकते हैं।

मानसिक और इमोशनल सेल्फ-केयर टिप्स (Mental & Emotional Self-Care Tips in Hindi)

शरीर की देखभाल जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी है मन और भावनाओं की। कई बार हम बाहर से तो ठीक दिखते हैं लेकिन अंदर से टूटे हुए होते हैं। इसलिए खुद से यह सवाल रोज पूछना चाहिए कि मैं कैसा महसूस कर रहा या रही हूं? इमोशनल सेल्फ-केयर के लिए जरूरी है कि आप -

  • अपने मन की बात को पहचानें
  • जर्नलिंग करें- अपने मन की बात कागज पर उतारें।
  • जरूरत हो तो थैरेपी या किसी भरोसेमंद से बात करें
  • ना कहना सीखें। यस पर्सन हमेशा दुखी ही रहते हैं।
  • गिल्ट फीलिंग से बाहर आना सीखें।
  • हर दिन 10 मिनट मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग करें।
  • सोशल मीडिया डिटॉक्स लें और दिन में कुछ घंटों के लिए फोन से दूरी बनाएं।
  • दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं।
  • थैरेपी या काउंसलिंग से न डरें, यह भी हेल्दी सेल्फ-केयर है।

खुश दिखने और खुश रहने में फर्क होता है। इसलिए सेल्फ-केयर में इमोशनल वेलनेस को भी उतनी ही अहमियत दें जितनी आप अपने शरीर को देते हैं।

बिजी लोगों के लिए आसान सेल्फ-केयर टिप्स (फोटो: Istock)

बिजी लोगों के लिए आसान सेल्फ-केयर टिप्स (फोटो: Istock)

सेल्फ-केयर डेली रूटीन कैसे बनाएं (Daily Self-Care Routine in Hindi)

  • सुबह सूर्योदय तक उठने की आदत डालें। ये आपकी बॉडी रिदम को ठीक रखेगा। उगते सूरज को देखना आपके दिन की शुरूआत को पॉजिटिव वाइब देगा।
  • सुबह उठते ही सबसे पहले फोन न उठाएं। कम से कम घंटा स्क्रीन से दूर रहें। हल्की स्ट्रेचिंग करें।
  • एक गिलास गुनगुना पानी पिएं, 5 मिनट कुछ गहरी सांसें लें और दिन के लिए एक पॉजिटिव डे प्लान बनाएं।
  • काम के दौरान हर घंटे 5 मिनट का ब्रेक लें। एक जगह बैठकर थोड़ा स्ट्रेच करें या खिड़की से बाहर देखें। दोपहर में हेल्दी स्नैक लें और खूब पानी पिएं।
  • शाम को काम खत्म होने के बाद खुद को रिलैक्स करने का समय दें। आप इसके लिए म्यूजिक सुन सकते हैं, हल्की सैर कर सकते हैं या किताब पढ़ सकते हैं।
  • इसके अलावा, रात को सोने से पहले मोबाइल स्क्रीन से बचना और कुछ देर शांति से बैठना भी लाभकारी है।

व्यस्त लोगों के लिए 5 आसान सेल्फ-केयर टिप्स (Self-care Tips in Hindi for Busy People)

1. सुबह अपने लिए समय निकालें

दिन की शुरुआत जैसे होती है, वैसे ही दिन निकलता है। सुबह 10–15 मिनट सिर्फ खुद के लिए रखें चाय के साथ शांत बैठिए, स्ट्रेच कीजिए या बस 5 मिनट गहरी सांसें लीजिए।

2. खाने-पीने को सीरियसली लीजिए

सिर्फ पेट भरने के लिए मत खाइए। ध्यान दीजिए कि आपकी प्लेट में क्या है। प्रोसेस्ड फूड की जगह ताजा, हल्का और पौष्टिक खाना लें।

3. शरीर को हिलाना जरूरी है

आपको जिम जाने की जरूरत नहीं है। दिन में 20–30 मिनट वॉक कर लीजिए, लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चुनिए, डेस्क से उठकर थोड़ा स्ट्रेच कर लीजिए।

4. डिजिटल ब्रेक लें

सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने से माइंड थकता है। दिन में एक तय समय रखें जब आप फोन से दूर रहें - बिलकुल डिजिटल डिटॉक्स।

5. नींद को इग्नोर न करें

अच्छी नींद संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होती है। नींद हमारे शरीर और दिमाग की बैटरी चार्ज करने का काम करती है। सेहतमंद रहने के लिए बहुत जरूरी है कि रोज कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें। यह सेल्फ-केयर का सबसे सिंपल और इफेक्टिव तरीका है।

सेल्फ-केयर Vs सेल्फ-इंडल्जेंस (फोटो: Istock)

सेल्फ-केयर Vs सेल्फ-इंडल्जेंस (फोटो: Istock)

सेल्फ-केयर Vs सेल्फ-इंडल्जेंस (Self-care vs Self-indulgence in Hindi)

ये समझना बहुत जरूरी है कि सेल्फ-केयर और सेल्फ-इंडल्जेंस एक जैसे नहीं हैं। सेल्फ-इंडल्जेंस मतलब है पल भर की खुशी के लिए कुछ ऐसा करना जो बाद में नुकसानदेह हो सकता है, जैसे बिंज-वॉचिंग, जरूरत से ज्यादा जंक फूड खाना, या बिना वजह देर तक सोना। जबकि सेल्फ-केयर का मतलब है वो काम जो आपकी हेल्थ, एनर्जी और मूड को बेहतर बनाएं। उदाहरण के लिए,

  • एक हेल्दी स्नैक खाना सेल्फ-केयर है,
  • लेकिन फ्रस्ट्रेशन में पिज्जा का ऑर्डर देना सेल्फ-इंडल्जेंस।

नियमित स्वास्थ्य जांच और ट्रैकिंग क्यों जरूरी है (Preventive Self-Care for Long-Term Health)

हम अक्सर तब डॉक्टर के पास जाते हैं जब परेशानी बड़ी हो जाती है। लेकिन अगर आप समय-समय पर जांच करवाएं, तो कई बीमारियां शुरुआती स्टेज में ही पकड़ी जा सकती हैं।

  • साल में एक बार जरूरी है कि आप ब्लड प्रेशर, शुगर, थायरॉइड, विटामिन D और B12 जैसी जरूरी जांच कराएं।
  • नींद और डेली एक्टिविटी को ट्रैक करने के लिए हेल्थ ऐप्स या स्मार्ट वॉच का इस्तेमाल करें
  • अगर लगातार थकावट, सिरदर्द या नींद की दिक्कत है, तो उसे हल्के में न लें
नियमित स्वास्थ्य जांच और ट्रैकिंग क्यों जरूरी (फोटो: Istock)

नियमित स्वास्थ्य जांच और ट्रैकिंग क्यों जरूरी (फोटो: Istock)

सेल्फ-केयर में सबसे ज्यादा रुकावटें कहां आती हैं (Challenges in Self-Care And Solutions)

कई लोगों को लगता है कि उनके पास टाइम नहीं है। कुछ को गिल्ट होता है कि खुद के लिए वक्त कैसे निकालें? तो कुछ लोग सोचते हैं कि सेल्फ-केयर जरूरी नहीं।

इसका समाधान बहुत ही आसान है। शुरुआत थोड़े-थोड़े समय के साथ करें। सिर्फ 5–10 मिनट खुद के लिए निकालना भी फायदेमंद है। इससे धीरे-धीरे आपकी आदत बनने लगेगी, जिसके बाद आप खुद उस टाइम को बढ़ा देंगे।

सेल्फ-केयर में आने वाली रुकावटें (फोटो: Istock)

सेल्फ-केयर में आने वाली रुकावटें (फोटो: Istock)

सेल्फ-केयर सिर्फ ट्रेंड नहीं सेहत की बुनियाद

देश की टॉप सेलिब्रिटी डर्मेटोलॉजिस्ट और स्किन एक्सपर्ट डॉ. रिंकी कपूर कहती हैं कि सेल्फ-केयर कोई इंडल्जेंस नहीं, बल्कि जरूरी है। चाहे वह वॉक पर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना हो, सही प्रोडक्ट्स चुनना हो या खुद को थोड़ा रिचार्ज करने के लिए वक्त निकालना, ये छोटे-छोटे लेकिन लगातार किए गए कदम हमारी हेल्थ और कॉन्फिडेंस पर बड़ा असर डालते हैं। हम अकसर देखते हैं कि जब लोग अपनी रोजमर्रा की वेलनेस को नजरअंदाज करते हैं, तो उसका असर सिर्फ शरीर पर नहीं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है। हमारी खूबसूरती और सेहत की असली शुरुआत तब होती है, जब हम अपने शरीर और दिमाग के साथ सही व्यवहार करना सीखते हैं।

निष्कर्ष

खुद से जुड़ना, अपने शरीर की सुनना और मन की बातों को समझना, यही असली सेल्फ-केयर है। यह कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं है, बस रोज के छोटे-छोटे कामों में खुद को थोड़ा सा महत्व देना है। खुद से एक वादा कीजिए कि अब हम अपनी सेहत को नजरअंदाज नहीं करेंगे। क्योंकि जब आप खुद का ध्यान रखते हैं, तभी आप अपने परिवार, काम और जीवन को बेहतर तरीके से जी सकते हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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