हेल्थ

हफ्ते में इस दिन आते हैं सबसे ज्यादा हार्ट अटैक, 20,000 से ज्यादा मरीजों पर शोध के बाद खुलासा

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jun 14, 2023, 10:13 AM IST

मैन्चेस्टर में ब्रिटिश कार्डियोवैस्कुलर सोसायटी (BCS) की कॉन्फ्रेंस में एक स्टडी के परिणाम जारी करते हुए बताया गया कि सप्ताह में किस दिन सबसे ज्यादा हार्ट अटैक आते है। 20,000 से ज्यादा मरीजों पर अध्ययन करने के बाद इस बात का खुलासा हुआ है।

Image

हफ्ते में इस दिन आते हैं सबसे ज्यादा हार्ट अटैक, 20,000 से ज्यादा मरीजों पर शोध के बाद खुलासा

Most heart attacks occur on Monday: गुजरात के जाम नगर (Jamnagar) के मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) 41 साल के डॉक्‍टर गौरव गांधी की हार्ट अटैक (Heart Attack) से मौत हो गई है। मीड‍िया र‍िपोर्ट्स की माने तो डॉ. गांधी अपने मेडिकल करियर के दौरान 16,000 से अधिक मरीजों का इलाज कर चुके थे। इस घटना ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आख‍िर युवा और इसके व‍िशेषज्ञ माने जाने वाले डॉक्‍टर को हॉर्ट अटैक कैसे आ गया। इसी बीच हार्ट अटैक को लेकर एक अहम और चौंकाने वाली बात सामने आई है।

हॉर्ट अटैक सबसे ज्यादा इस दिन आते हैं

मैन्चेस्टर में ब्रिटिश कार्डियोवैस्कुलर सोसायटी (BCS) की कॉन्फ्रेंस में एक स्टडी के परिणाम जारी करते हुए बताया गया कि सप्ताह में किस दिन सबसे ज्यादा हार्ट अटैक आते है। 20,000 से ज्यादा मरीजों पर अध्ययन करने के बाद इस बात का खुलासा हुआ है। यह शोध बेलफास्ट हेल्थ एंड सोशल केयर और रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन के डॉक्टरों ने मिलकर किया है।

सोमवार का दिन सबसे ज्यादा रिस्की

इस शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि सोमवार के दिन सबसे ज्यादा एसटीईएमआई हार्ट अटैक आते हैं। ST-segment elevation myocardial infarction (STEMI) में मुख्य रक्त धमनी पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है और दिल को ऑक्सीजन व खून नहीं मिल पाता है। मुख्य शोधकर्ता कार्डियोलॉजिस्ट Dr. Jack Laffan का कहना है कि सोमवार को सर्वाधिक हार्ट अटैक आने के पीछे क्या कारण हैं, ये तो नहीं पता लेकिन इसके पीछे कुछ हॉर्मोन हो सकते हैं।

ऑफिस की वजह से हार्ट अटैक

कार्डियोलॉजिस्ट Dr. Jack Laffan का मानना है कि हार्ट अटैक के पीछे तनाव एक अहम वजह है। सोमवार को लोग ऑफिस या काम पर लौटते हैं और इस वजह से अक्सर सोमवार तनाव भरा दिन रहता है। तनाव के कारण कोर्टिसोल हॉर्मोन बढ़ने लगता है, जिसका हार्ट अटैक से काफी गहरा संबंध है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article