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खून की कमी के साथ-साथ RO का पानी सेहत के लिए कई तरह से खतरनाक हो सकता है? एक्सपर्ट से जानिए

  • Written by: प्रणव मिश्र
  • Updated May 4, 2023, 12:37 PM IST

RO Water Can Cause Anemia: शहरों में ज्यादातर आबादी RO का पानी ही पीती है, लेकिन RO का पानी पीने का खतरा कम नहीं है। यह सच है कि RO पानी को शुद्ध करता है लेकिन यह पानी में आवश्यक कैल्शियम और मैग्नीशियम का 92 से 99 प्रतिशत तक फिल्टर कर देता है। इसका मानव शरीर और अन्य अंगों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। RO का पानी पीने के बाद एक महीने में ही इसका असर दिखने लगता है।

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RO पानी के फायदे और नुकसान

Photo : iStock

Side Effects of RO Water: कई अध्ययनों में पाया गया है कि RO के पानी से आवश्यक खनिज निकल जाते हैं, जिससे शरीर को कई तरह की समस्याएं होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी कई बार इसे लेकर आगाह कर चुका है। यह वैज्ञानिक रूप से भी सिद्ध हो चुका है कि रिवर्स ऑस्मोसिस पर आधारित तकनीक का उपयोग कर पानी को शुद्ध करते समय पानी में मौजूद कई पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इससे पीलिया, एनीमिया, नवजात के विकास में समस्या जैसे कई तरह के जोखिम पैदा होने लगते हैं।

एक अध्ययन में पाया गया कि जब चेक और स्लोवाक देशों में लोगों ने RO का पानी पीना शुरू किया। फिर, कुछ ही हफ्तों में उनमें मैग्नीशियम और कैल्शियम की गंभीर कमी हो गई। इसके अलावा कई तरह की पेचीदगियां सामने आने लगीं। RO का पानी पीने से इन लोगों में थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और हृदय संबंधी समस्याएं भी देखी गईं।

RO वाटर के साइड इफेक्ट

RO का पानी प्राकृतिक पानी की तुलना में खनिजों की भरपाई नहीं कर सकता है। जो भी खनिज अन्य माध्यमों से शरीर में प्रवेश करते हैं, RO का पानी उन्हें बाहर भी खींच लेता है। यानी जब फल, भोजन आदि से मैग्नीशियम, कैल्शियम हमारे शरीर में प्रवेश करता है तो RO वाटर के साइड इफेक्ट के कारण पेशाब में निकल जाता है।

RO का पानी पीने से शरीर के पानी में घुलनशील इलेक्ट्रोलाइट्स कम हो जाते हैं। इलेक्ट्रोलाइट रक्त में घुले खनिज होते हैं, जो विद्युत आवेशित तरल पदार्थ को शरीर के चारों ओर घूमने की अनुमति देते हैं। इससे थकान, कमजोरी, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द आदि की शिकायत हो जाती है। कभी-कभी दिल की धड़कन बहुत तेज हो जाती है।

विटामिन बी12 की कमी

RO का पानी पीने से शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो सकती है। शोध में सामने आया है कि लंबे समय तक RO का पानी पीने से विटामिन बी12 की कमी और विटामिन बी12 की कमी से एनीमिया हो सकता है। RO के पानी के दुष्प्रभावों को रोकने और पानी को शुद्ध करने के लिए इन तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। मसलन बिना RO के पानी को उबालकर पिएं। प्रति लीटर साफ पानी में 5 बूंद आयोडीन मिलाएं। इसके अलावा एक लीटर पानी में लिक्विड ब्लीच की चार बूंद डालकर भी पानी को साफ किया जा सकता है।

जानिए डॉक्टर की राय

उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट, डॉ आबिद अमीन भट्ट ने टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से बातचीत में बताया कि खून की कमी या एनीमिया एक आम स्वास्थ्य समस्या है जिसमें शरीर में हेमोग्लोबिन के स्तर में कमी होती है जो ऑक्सीजन को शरीर के ऊतकों तक पहुंचाता है। एक व्यक्ति जो खून की कमी से पीड़ित है, उसे अपनी सेहत के लिए खासकर अधिक ऑक्सीजन आवश्यकता होती है।

RO से निकाला गया पानी का TDS बहुत कम होता है। RO उपकरण द्वारा निकाला गया पानी में लगभग सभी खनिजों और मिनरल्स को हटाकर एक शुद्ध रूप में बनाया जाता है। इसके कारण, ऐसे पानी का सेवन सीमित मात्रा में किया जाना चाहिए, इसलिए खून की कमी वाले लोगों के लिए यह अधिक खतरनाक हो सकता है। खून की कमी वाले व्यक्ति को उन खनिजों और मिनरल्स की जरूरत होती है जो पानी में होते हैं, जैसे कि जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम, आदि। इन खनिजों की कमी खून की कमी वाले व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकती है।

RO उपकरण से निकाला गया पानी भी अधिकतर उच्च टीडीएस का होता है जो कि सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हाई TDS वाले पानी के सेवन से पाचन तंत्र और न्यूरोलॉजिकल फंक्शन पर असर पड़ सकता है। इसलिए, खून की कमी वाले व्यक्ति को एक साथ बहुत सारे RO से निकाला गया पानी का सेवन करने से बचना चाहिए।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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