हेल्थ

प्रधानमंत्री मोदी ने इस ड्राई फ्रूट को बताया 'सुपरफूड', साल में 300 दिन खुद खाते हैं PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय यात्रा पर बिहार के सिल्क सिटी के रूप में मशहूर भागलपुर पहुंचे। यहां आयोजित पीएम किसान सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने मखाना को 'सुपर फूड' बताते हुए इसे दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने की बात कही। आइए जानते हैं मखाना खाने के फायदे...

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modi favourate dry fruit

बिहार में एक सम्मान समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के कल्याण के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का जिक्र किया। वहीं भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं भी साल भर में 300 दिन मखाने जरूर खाता हूं। उन्होंने इसे 'सुपरफूड' भी बताया है। जिसे हमें दुनिया के बाजारों तक पहुंचाना है। इस साल के बजट में मखाना किसानों के लिए मखाना बोर्ड बनाने का ऐलान किया गया। यह बोर्ड मखाना उत्पादकों को उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। इससे मखाना उत्पादक किसानों को वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग में बहुत मदद मिलेगी। मखाना आज कई शहरों में लोगों के नाश्ते के प्रमुख अंग हो गया है। आइए जानते हैं मखाने के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में...

रोजगार भी बढ़ेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बजट में बिहार के किसानों और नौजवानों के लिए एक और बड़ी घोषणा की गई है। पूर्वी भारत में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बिहार एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने वाला है। बिहार में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नॉलॉजी एंड इंटप्रेनियोरशिप की स्थापना की जाएगी। यहां बिहार में कृषि के क्षेत्र में तीन नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एक भागलपुर में ही स्थापित होगा। यह सेंटर आम की जर्दालू किस्म पर भी फोकस करेगा। बिहार में दो और केंद्र, मुंगेर और बक्सर में बनाए जाएंगे। जहां टमाटर, प्याज और आलू किसानों की मदद देंगे।

मखाना खाने के फायदे - Benefits of eating Makhana

  • डायबिटीज के रोगियों के लिए मखाने का सेवन औषधि के समान होता है।
  • मखाने में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन को खत्म करने में कारगर है।
  • फाइबर से भरपूर मखाना आपको वेट लॉस में काफी मदद करते हैं।
  • कैल्शियम से भरपूर मखाने का सेवन आपकी हड्डियों को मजबूत करता है।
  • मखाने का सेवन आपको ब्लड प्रेशर की समस्या से छुटकारा दिला सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

इनपुट : भाषा

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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