हेल्थ

छात्रों के लिए वरदान: एक प्राणायाम जो बढ़ाए फोकस और घटाए स्ट्रेस, सिर्फ 5 मिनट में होगा कमाल

Pranayama For Stress : अनिद्रा और बेचैनी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए यदि आप तमाम तरह के प्रयास कर चुके हैं तो आपको हमारा बताया एक प्राणायाम भी जरूर ट्राई करना चाहिए। जी हां आज हम आपको छात्रों के लिए कारगर एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाने वाला एक असरदार प्राणायाम बताने जा रहे हैं।

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pranayama for stress

Pranayama For Stress : योग हो या प्राणायाम इनके पास कई समस्याओं का समाधान है। ऐसे में बात तनाव, अनिद्रा या अन्य मानसिक समस्याओं की हो तो भ्रामरी प्राणायाम बेहद लाभदायी है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास को न केवल मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए बल्कि छात्रों के लिए भी लाभदायक बताता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, 'भ्रामरी' शब्द 'भ्रमर' से लिया गया है, जिसका अर्थ भौंरा होता है। इस प्राणायाम में निकलने वाली ध्वनि भौंरे की गुंजन जैसी होती है, इसलिए इसे भ्रामरी प्राणायाम कहा जाता है। यह शांतिकारक प्राणायाम तनाव, चिंता, क्रोध और मानसिक अतिसक्रियता को कम करने में बेहद प्रभावी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भौंरे जैसी ध्वनि का प्रतिध्वनिक प्रभाव मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। यह तनाव संबंधी विकारों जैसे अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और तनाव को दूर करने में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है और ध्यान की शुरुआत के लिए यह उत्कृष्ट तैयारी प्रदान करता है।

भ्रामरी प्राणायाम करने की विधि सरल है। शांत जगह पर पद्मासन या सुखासन में बैठें। रीढ़ सीधी रखें, आंखें बंद करें। दोनों कानों को अंगूठों से ढकें, तर्जनी उंगलियां माथे पर, बाकी उंगलियां आंखों पर रखें और नाक से गहरी सांस लें। सांस छोड़ते हुए गले से 'हम्म्म' ध्वनि निकालें। एक चक्र पूरा होने पर सामान्य सांस लें। 5-7 चक्र दोहराएं। खाली पेट सुबह या शाम करें।

भ्रामरी के अभ्यास से होने वाले लाभों की लिस्ट भी लंबी है। इससे तनाव, चिंता और क्रोध से मुक्ति मिलती है। ये मस्तिष्क की नसों को शांत कर सिरदर्द, माइग्रेन में राहत देता है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर अनिद्रा को दूर करता है। एकाग्रता और याददाश्त को तेज करता है। यही नहीं इससे इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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