हेल्थ

World COPD Day: फेफड़ों से जुड़ी खतरनाक बीमारी है COPD, प्रदूषण में हो जाती है जानलेवा, ये लक्षण दिखते ही भागें डॉक्टर के पास

Copd Ke Lakshan In Hindi: क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए साल 2002 से हर साल नवंबर के तीसरे बुधवार को विश्व सीओपीडी दिवस मनाया जाता है। दुनिया के लगभग 50 देशों में कई संस्थाएं इवेंट्स के माध्यम से सीओपीडी के बारे में बताती हैं। आइए जानते हैं क्या है फेफड़ों से जुड़ी ये खतरनाक बीमारी, इसके शुरुआती लक्षण और कारण।

Image

Copd Ke Lakshan In Hindi

Copd Ke Lakshan In Hindi: सीओपीडी यानी क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज फेफड़ों में होने वाली एक गंभीर बीमारी है। यह दुनियाभर में लोगों की मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण है। साल 2021 में सिर्फ इस बीमारी से दुनिया में करीब 35 लाख लोगों की मौत हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, पिछले 30 सालों में सीओपीडी के लगभग 10 करोड़ मामले सामने आए हैं। इनमें 85 से 90 प्रतिशत मामले ऐसे हैं, जिन्हें यह बीमारी स्मोकिंग की वजह से हुई है।

हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, लेकिन इसका एक बड़ा कारण प्रदूषण है। जहरीली हवा में सांस लेने की वजह से भी सीओपीडी की समस्या हो सकती है। इस कभी न ठीक होने वाली बीमारी के बारे में लोगों के बीच ज्यादा जागरूकता नहीं है। आपको बता दें कि जिन लोगों को पहले से यह बीमारी है, प्रदूषण के दौरान उनकी स्थिति और भी बदतर हो सकती है। इसलिए प्रदूषण के दौरान लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। सीओपीडी से पीड़ित लोगों की स्थिति बिगड़ने पर इसके कई संकेत और लक्षण देखने को मिलते हैं। इन लक्षणों को समय रहते पहचान कर गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। आइए सीओपीडी के इन लक्षणों के बारे में विस्तार से जानते हैं..

सीओपीडी क्या है - What Is COPD In Hindi

सीओपीडी या क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज फेफड़े की बेहद आम बीमारी है। सीओपीडी धीरे धीरे बढ़ने वाला रोग है जिसमें सांस की नली पतली हो जाती है, सांस लेने और छोड़ने में कठिनाई होने लगती है। इसका कोई स्थाई इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन अगर ये जल्दी पकड़ में आ जाए तो इस स्थिति को काफी हद तक काबू में कर सकते हैं। इसकी दो स्थितियां होती हैं एम्फिसीम या वातस्फीति और क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस। एम्फिसीम में सांस लेने और छोड़ने में तकलीफ होती है और क्रॉनिक ब्रॉन्काइटिस में बलगम के साथ खांसी बनी रहती है।

सीओपीडी के कारण क्या हैं - Causes Of COPD In Hindi

आमतौर पर सीओपीडी का सबसे बड़ा कारण सिगरेट को बताया जाता है, लेकिन प्रदूषण भी इस बीमारी के खतरे को बढ़ाने में योगदान देता है। इसके 90 प्रतिशत तक मामले सिगरेट से आते हैं। सीओपीडी का खतरा सिगरेट पीने वाली महिलाओं में 13 गुना तक बढ़ जाता है, वहीं पुरुषों में इसका खतरा 12 गुना तक होता है। हालांकि, इसके अलावा कुछ अन्य कारण जिम्मेदार हो सकते हैं,

पारिवारिक इतिहास: परिवार में यदि पहले किसी को सीओपीडी की समस्या रही है, तो इस बीमारी के होने की आशंका बढ़ जाती है। अगर बचपन में कभी किसी तरह का सांस से जुड़ा इन्फेक्शन हुआ हो तो भी इसके होने की संभावना रहती है।

पैसिव स्मोकिंग: धुएं-धूल वाली जगह पर काम करने या हवा के प्रदूषण से भी सीओपीडी हो सकता है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से श्वास नली में जलन और सूजन हो सकती है। इससे फेफड़े को नुकसान पहुंचता है, जो सीओपीडी का कारण बन सकता हैं।

सीओपीडी के लक्षण - Symptoms Of COPD In Hindi

  • सांस लेने में कठिनाई
  • बलगम के साथ खांसी
  • बुखार और ठंड लगना
  • शरीर में थकावट और कमजोरी
  • गले में खराश
  • बंद नाक और सिर में दर्द

अगर आप भी किसी प्रदूषित जगह पर रहते हैं या रोजाना सिगरेट पीते हैं, तो इस तरह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जल्द से जल्द राय लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

और पढ़ें
End of Article