हेल्थ

दुनिया की 75% आबादी में ओमेगा-3 फैटी एसिड की भारी कमी, नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा

Omega 3 Fatty Acid Deficiency: हाल ही में जर्नल न्यूट्रीशन रिसर्च रिव्यूज में प्रकाशित एक नई वैश्विक स्टडी में खुलासा हुआ है कि दुनिया की लगभग 75 प्रतिशत आबादी रोजमर्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड की जरूरी मात्रा नहीं ले पा रही। इस स्टडी के प्रमुख लेखिका एबी कॉवुड, जो यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन से जुड़ी शोधकर्ता हैं, बताती हैं कि यह कमी दिल, दिमाग और पूरी सेहत पर सीधा असर डाल सकती है।

Image

75% आबादी में ओमेगा-3 की कमी (PC - AI)

Omega 3 Fatty Acid Deficiency: एक नई वैश्विक रिसर्च ने दुनिया भर के लोगों की सेहत को लेकर बड़ी चिंता जताई है। जर्नल न्यूट्रीशन रिसर्च रिव्यूज में प्रकाशित इस स्टडी में पाया गया है कि दुनिया की लगभग 75 प्रतिशत आबादी अपनी रोज़ की डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acids) की पूरी मात्रा नहीं ले पा रही। आम लोगों को लगता है कि जैसे बाकी पोषक तत्व कहीं न कहीं मिल ही जाते हैं, वैसे ही ओमेगा-3 भी पूरा हो जाएगा, लेकिन स्टडी साफ कहती है कि अधूरी डाइट हमारी दिल और दिमाग की सेहत पर धीरे-धीरे असर डाल रही है

स्टडी में क्या पाया गया

जर्नल न्यूट्रीशन रिसर्च रिव्यूज में प्रकाशित इस शोध का नेतृत्व एबी कॉवुड ने किया, जो हॉलैंड एंड बैरेट की विज्ञान निदेशक और यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन (यूके) की शोध सहयोगी हैं। स्टडी में बताया गया है कि ज्यादातर देशों में लोग वह मात्रा नहीं ले रहे जो वयस्कों के लिए रोज लगभग 250 मिलीग्राम ईपीए-डीएचए (EPA-DHA) मानी जाती है।

दुनिया में इतनी बड़ी कमी क्यों

स्टडी में बताया गया कि कई देशों में ओमेगा-3 के स्रोत जैसे ताजी मछली, अलसी, अखरोट या चिया सीड्स आदि रोजमर्रा की डाइट में कम शामिल होते हैं। खान-पान का बदलता तरीका और पोषण के बारे में जागरूकता की कमी इस भारी कमी का बड़ा कारण है।

ओमेगा-3 की कमी से क्या असर पड़ता है

शोधकर्ताओं के अनुसार ओमेगा-3 शरीर के दिल, दिमाग, आंखों और कई जरूरी कार्यों के लिए बेहद अहम है। इसकी कमी से हृदय रोग, मानसिक थकान, सूजन और कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। स्टडी कहती है कि यह समस्या आने वाले समय में वैश्विक स्वास्थ्य बोझ को और बढ़ा सकती है।

अलग-अलग देशों में सेवन बेहद कम

रिसर्च में यह भी सामने आया कि कई देशों के अपने पोषण नियम हैं, लेकिन इन देशों में रहने वाले लोग वास्तविकता में इन सिफारिशों तक नहीं पहुँच पा रहे। यानी जानकारी होने के बावजूद लोग सही मात्रा में ओमेगा-3 नहीं ले रहे।

कमी कैसे पूरी की जा सकती है

स्टडी में यह सुझाव दिया गया कि रोजाना के भोजन में अलसी, अखरोट, चिया, सरसों का तेल और मछली जैसे स्रोतों को शामिल किया जाए। शाकाहारी लोग अलसी, चिया और अखरोट को नियमित भोजन का हिस्सा बनाकर काफी हद तक इस कमी को कम कर सकते हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article