Avian Influenza: कोरोना के बाद अब चीन में एक नए वायरस ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कोरोना महामारी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है वहीं एवियन इन्फ्लुएंजा के प्रकोप का खतरा मंडरा रहा है। दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नजर एवियन इन्फ्लुएंजा पर टिकी हुई है। चीनी में एवियन इन्फ्लुएंजा से ह्यूमन डेथ का मामला सामने आने के बाद और चिंताजनक हो गया। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मनुष्यों में एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza Causes) फैला तो यह दूसरी सबसे घातक महामारी हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, H3N8 एवियन इन्फ्लुएंजा के कारण ह्यूमन डेथ चीन में पहली मृत्यु है। पिछले साल इंसानों में इस संक्रमण के दो और मामले सामने आए थे। चीन में हुई संक्रमित महिला को गंभीर निमोनिया के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उसकी मौत हो गई। उसे मायलोमा (कैंसर) सहित कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं।
H3N8 फ्लू वायरस आमतौर पर पक्षियों में पाया जाता है। चीन में सामने आया नया मामला इंसानों में संक्रमण का तीसरा मामला है। तो, यह एक वयस्क में संक्रमण का पहला मामला है। यह पहली बार है जब इस वायरस से किसी की मौत हुई है। 2022 में पहली बार H3N8 वायरस के इंसानों में फैलने की पुष्टि हुई थी। इसे 'एशियाटिक फ्लू' या 'रशियन फ्लू' भी कहा जाता है।
एक ऐसा वायरस जो इंसानों के लिए भी है खतरनाक - Is H3N8 dangerous to humans?
बर्ड फ्लू एक ऐसी बीमारी है जो न सिर्फ पक्षियों बल्कि जानवरों और इंसानों के लिए भी खतरनाक है। संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवरों और इंसानों को यह बीमारी जल्दी हो जाती है। यह मृत्यु का कारण भी बनता है।
बर्ड फ्लू के लक्षण - Bird flu symptoms
- सूखी खांसी
- गले में खराश, नाक बहना, नाक बहना
- थकान, सिरदर्द
- ठंड लगना और बुखार
- अंग दर्द
- छाती में दर्द
कोई व्यक्ति एवियन इन्फ्लूएंजा से कैसे संक्रमित होता है? - How does a person become infected with avian influenza?
बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है। यह एक संक्रामक रोग है। बर्ड फ्लू कई तरह के होते हैं, लेकिन H5N1 इंसानों को संक्रमित करने वाला पहला बर्ड फ्लू वायरस था। इसका पहला मामला 1997 में हांगकांग में हुआ था। इसके बारे में पहली जानकारी 1996 में चीन में मिली थी। वायरस संक्रमित पक्षी के मल, लार, नाक के स्राव या आंखों के पानी के संपर्क में आने से मनुष्यों में फैलता है।
एवियन इन्फ्लूएंजा से कैसे बचें ? - Prevention from Avian Influenza
सरकार को इस बीमारी को लेकर जन जागरूकता बढ़ानी चाहिए। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर दूषित सतह के संपर्क में आने के बाद हाथ धोएं साथ ही पक्षियों को संभालते समय मास्क पहनें। हाई रिस्क वाले वातावरण के संपर्क से बचें जैसे जीवित पशु बाजार/खेत, पोल्ट्री और उन सतहों से बचें जो पोल्ट्री या पक्षियों के मल से दूषित हो सकती हैं।
हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि इस संक्रमण का सटीक सोर्स क्या है और यह वायरस अन्य एवियन इन्फ्लूएंजा ए (H3N8) वायरस से कैसे संबंधित है जो जानवरों में घूम रहे हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए मौजूदा जोखिम को बेहतर ढंग से समझने के लिए मानव और पशु जांच दोनों से अधिक जानकारी की आवश्यकता है।
