जीन एडिटिंग थेरेपी
Gene-Editing Therapy To Reduce Cholesterol: आज के समय में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है, जो धीरे-धीरे दिल की गंभीर बीमारियों की जड़ बन जाती है। लेकिन अब इस पर लगाम लगाने का एक नया और चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने एक नई जीन एडिटिंग थेरेपी विकसित की है जो खराब कोलेस्ट्रॉल को स्थायी रूप से कम कर सकती है। यह थेरेपी हार्ट अटैक, ब्लॉकेज और अन्य कार्डियक बीमारियों के खतरे को भी लंबे समय तक कम रख सकती है। आइए जानते हैं इस रिसर्च की खास बातें और इसका असर शरीर पर कैसे पड़ता है।
यह थेरेपी हमारे शरीर के जीन में स्थायी बदलाव करती है ताकि लीवर में बनने वाला एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) कम हो सके। वैज्ञानिकों ने इसमें CRISPR नामक जीन एडिटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है, जो DNA के उस हिस्से को एडिट करती है जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करता है। एक बार इलाज के बाद शरीर लंबे समय तक कम कोलेस्ट्रॉल बनाए रख सकता है।
उच्च कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्लॉकेज जैसी समस्याओं की मुख्य वजह है। इस थेरेपी से एलडीएल का स्तर घटने पर धमनियों में चर्बी और प्लाक जमने की संभावना कम हो जाती है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर बना रहता है। इससे दिल पर दबाव घटता है और दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने नई जीन एडिटिंग तकनीक को जानवरों और फिर इंसानों पर टेस्ट किया। नतीजों में पाया गया कि सिर्फ एक इंजेक्शन देने से ही कोलेस्ट्रॉल स्तर में कई महीनों तक भारी गिरावट आई। रिसर्चर्स का दावा है कि यह असर कई सालों तक बना रह सकता है। यानी बार-बार दवाइयां या इलाज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब तक कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए लोग स्टैटिन्स जैसी दवाइयों का सहारा लेते हैं। लेकिन इनका असर अस्थायी होता है और रोजाना सेवन करना पड़ता है। जबकि जीन एडिटिंग थेरेपी से एक बार इलाज कराने के बाद शरीर खुद खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने लगता है। यही कारण है कि इसे लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन माना जा रहा है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह थेरेपी आने वाले समय में हार्ट डिजीज से लड़ने की दिशा में सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इससे लाखों लोगों को फायदा हो सकता है जो लंबे समय से हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लॉकेज जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। फिलहाल इस पर और रिसर्च चल रही है ताकि इसे क्लीनिकल लेवल पर सुरक्षित तरीके से लागू किया जा सके।
यह नई जीन एडिटिंग थेरेपी सिर्फ एक मेडिकल ब्रेकथ्रू नहीं बल्कि दिल की बीमारियों से जूझ रही दुनिया के लिए नई उम्मीद है। अगर भविष्य में इसे सुरक्षित और सुलभ बनाया गया तो लोग सिर्फ दवा पर नहीं, बल्कि जीन स्तर पर अपने दिल की सेहत को मजबूत कर पाएंगे। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखने के लिए यह तकनीक आने वाले सालों की सबसे बड़ी वैज्ञानिक खोज मानी जा रही है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।