National Doctors Day: हम अक्सर डॉक्टरों से यही उम्मीद करते हैं कि वे हर मुश्किल समय में मरीजों की मदद के लिए तैयार रहें। लेकिन क्या कभी हमने सोचा है कि दिन-रात दूसरों की जान बचाने वाले डॉक्टर अपनी सेहत का कितना ध्यान रख पाते हैं? नेशनल डॉक्टर्स डे के मौके पर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ (Dr. Ashok Seth) ने इसी अहम मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर खुद स्वस्थ नहीं रहेंगे, तो वे लंबे समय तक लोगों की बेहतर देखभाल भी नहीं कर पाएंगे। उनका संदेश सिर्फ डॉक्टरों के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
'डॉक्टरों की सेहत ही देश की सेहत है'
डॉ. अशोक सेठ का कहना है कि डॉक्टरों की अच्छी सेहत सीधे देश की सेहत से जुड़ी हुई है। उनके मुताबिक, अगर डॉक्टर शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहेंगे, तभी वे पूरी ऊर्जा के साथ मरीजों का इलाज कर सकेंगे। इसलिए डॉक्टरों की सेहत को भी उतनी ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जितनी मरीजों की सेहत को दी जाती है।
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24 घंटे के तनाव में काम करते हैं डॉक्टर
डॉ. सेठ बताते हैं कि डॉक्टरों का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। वे हर समय मरीजों की चिंता में रहते हैं। कई बार इलाज के दौरान वे खाना-पीना तक भूल जाते हैं। देर रात तक अस्पताल में काम करना, लगातार फैसले लेना और हजारों मरीजों की जिम्मेदारी संभालना उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा है। ऐसे माहौल में लगातार काम करने से उनकी अपनी सेहत भी प्रभावित हो सकती है।
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दूसरों का ख्याल रखने के साथ खुद का भी रखें ध्यान
डॉ. अशोक सेठ का कहना है कि मरीजों की सेवा करना डॉक्टरों का कर्तव्य है, लेकिन इसके साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। यदि डॉक्टर खुद स्वस्थ रहेंगे, तभी वे दूसरों की बेहतर देखभाल कर पाएंगे। इसलिए उन्हें अपनी दिनचर्या, आराम और खानपान पर भी ध्यान देना चाहिए।
रेगुलर हेल्थ चेकअप और संतुलित जीवन जरूरी
नेशनल डॉक्टर्स डे पर डॉ. सेठ ने सभी डॉक्टरों से नियमित हेल्थ चेकअप कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को ऐसा संतुलित जीवन अपनाना चाहिए, जिसमें मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य सभी का ध्यान रखा जाए। काम के साथ परिवार और खुद के लिए भी समय निकालना जरूरी है।
स्वस्थ डॉक्टर ही बना सकते हैं स्वस्थ भारत
डॉ. अशोक सेठ के अनुसार, जब डॉक्टर स्वस्थ रहेंगे, तभी वे लंबे समय तक देश और लोगों की सेवा कर सकेंगे। उनका मानना है कि स्वस्थ डॉक्टरों का मतलब है स्वस्थ मरीज और अंत में एक स्वस्थ देश। यही संदेश इस नेशनल डॉक्टर्स डे का सबसे बड़ा संदेश भी है कि डॉक्टरों की सेहत का ध्यान रखना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
(Inputs: PTI)
