आयुष्मान कार्ड के लिए आधार की जानकारी और NHA पोर्टल पर मौजूद सोर्स डेटा का आपस में मिलान होना जरूरी है। अगर दोनों जगह दर्ज जानकारी में अंतर है तो कार्ड बनने या उसके सत्यापन में समस्या आ सकती है। इसलिए आवेदन या कार्ड बनवाने से पहले अपनी सभी व्यक्तिगत जानकारी को ध्यान से जांच लेना चाहिए।
कार्ड से जुड़ी जानकारी में पिता के नाम का सही होना भी जरूरी है। अगर आधार कार्ड में पिता का नाम कुछ और है और सोर्स डेटा में अलग नाम दर्ज है, तो दोनों रिकॉर्ड में अंतर माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में आयुष्मान कार्ड के सत्यापन में परेशानी हो सकती है।
आधार और सोर्स डेटा में दर्ज Gender यानी जेंडर की जानकारी भी मैच होनी चाहिए। अगर एक रिकॉर्ड में पुरुष और दूसरे में महिला जैसी अलग जानकारी दर्ज है, तो डेटा मैच नहीं होगा। इसलिए कार्ड बनवाने से पहले यह जानकारी भी जरूर जांच लें।
आयुष्मान कार्ड से जुड़े रिकॉर्ड में जन्मतिथि का सही मिलान होना जरूरी है। आधार और सोर्स डेटा में जन्मतिथि अलग-अलग होने पर डेटा मैच नहीं माना जा सकता। ऐसे में कार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
आधार और सोर्स डेटा में दर्ज पता (Address) भी अलग होने पर समस्या आ सकती है। अगर दोनों रिकॉर्ड में पते की जानकारी मेल नहीं खाती है, तो आयुष्मान कार्ड के सत्यापन में दिक्कत आने की संभावना रहती है। इसलिए आवेदन से पहले आधार और संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज पते की जानकारी को जरूर जांचना चाहिए।
आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया में किसी परेशानी से बचने के लिए आधार और सोर्स डेटा में नाम, पिता का नाम, जेंडर, जन्मतिथि और पता जैसी जानकारी का मिलान कर लेना जरूरी है।