द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर तीखा हमला बोला है। स्टालिन ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और बीते 24 घंटों के भीतर ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कई खौफनाक हत्याएं और हिंसक वारदातें सामने आई हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए स्टालिन ने कहा कि राज्य में जगह-जगह हो रहे चाकूबाजी के हमले अब बिजली कटौती जितने आम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी चेन्नई से लेकर मदुरै और दिंडीगुल जैसे दक्षिणी जिलों तक आम नागरिक भारी डर और असुरक्षा के साये में जी रहे हैं।
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स्टालिन ने पिछले 24 घंटों की घटनाओं का ब्योरा देते हुए चेन्नई के मायलापुर में सत्यसीलन की हत्या, तिरुत्तणी में अपनी बेटी के साथ हुई छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराने वाले पिता की हत्या और सेलम में दिन-दहाड़े बुजुर्ग महिला जनाबाई का गला घोंटकर लूटपाट किए जाने जैसी दर्दनाक वारदातों का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने दिंडीगुल में पुलिस स्टेशन में हाजिरी देकर निकले वीरभद्रन पर हमला, मदुरै के समयनल्लूर में हत्या और एन्नूर रेलवे स्टेशन के पास छात्रों पर हमले के प्रयास का भी मुद्दा उठाया।
उन्होंने पुलिस की गश्त और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा, "उत्तर, दक्षिण, पश्चिम या राजधानी—हर तरफ केवल अपराध का बोलबाला है। चाहे दिन का उजाला हो या आधी रात, तमिलनाडु खून से लथपथ है।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब शिकायतकर्ता खुद पुलिस स्टेशन जाने के बाद हत्या का शिकार हो जाएं, तो यह इस बात का सबूत है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है।
गृह मंत्रालय संभाल रहे मुख्यमंत्री विजय पर सीधा निशाना साधते हुए स्टालिन ने कहा, "राज्य खतरनाक मोड़ पर खड़ा है। मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान आम लोगों की जान बचाने के बजाय अपनी कुर्सी बचाने में लगा है। अब बहाने बनाने का समय बीत चुका है। अपनी 'शूटिंग मोड' वाली राजनीति से बाहर निकलिए और कुछ वास्तविक एक्शन लीजिए!"
