Fatty Liver: लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। लिवर खाना पचाने से लेकर खून साफ करने तक का काम करता है। लेकिन जब ये फैटी हो जाता है तो जान जाने तक का खतरा बढ़ जाता है। आपने अक्सर लोगों को ये कहते सुना होगा कि फैटी लिवर हो गया है। लेकिन क्या आपको मालूम है फैटी लिवर किसे कहते हैं। फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है जो समय के साथ लिवर में वसा का निर्माण करती है। फैटी लिवर से दो तरह की समस्याएं होती है अल्कोहलिक और नॉन-अल्कोहोलिक। अल्कोहलिक फैटी लिवर, शराब के ज्यादा सेवन से होती है। वहीं नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लीवर डिजीज (NAFLD) मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर के कारण होती है।
फैटी लिवर डिजीज के लिए नेचुरल उपचार
नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या से परेशान लोगों को अपने आहार का बेहद खास ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसे में किसी आहार और सप्लीमेंट्स का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से बात करें।
नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर से बचने के उपाय
वजन घटाएं
नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए अपने बढ़े हुए वजन को घटाएं। अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लीवर डिजीज (AASLD) की रिपोर्ट के मुताबिक वजन घटाने से NAFLD में काफी सुधार मिलता है।
मेडिटेरेनियन डाइट को फॉलो करें
अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लीवर डिजीज की रिपोर्ट के मुताबिक मेडिटेरेनियन डाइट की मदद से नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या से निजात पाया जा सकता है। यह लिवर की वसा को कम करने में मदद कर सकती है। मेडिटेरेनियन डाइट हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप 2 डायबिटीज समेत NAFLD से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करती है।
कॉफी पिएं
कॉफी लिवर के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। ये सूजन को कम कर लिवर एंजाइम (liver enzymes) के उत्पादन को उत्तेजित करता है। ऐसे में नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर वाले मरीजों को कॉफी का सेवन जरूर करना चाहिए।
