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बढ़ते मलेरिया केस ने बढ़ाई दिल्लीवालों की चिंता, चरम पर पहुंचा बुखार, खुद को सुरक्षित रखने के ये उपाय अपनाएं

Malaria Cases In Delhi Hit Record High:दिल्ली में मलेरिया के मामलों में भारी उछाल देखा जा रहा है। अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसने दिल्लीवासियों की चिंता बढ़ा दी हैं। ऐसे में अपना और परिजनों की खास देखभाल करने की जरूरत है। लेकिन सवाल यह उठता है कि इस स्थिति में कैसे सुरक्षित रहा जा सकता है। आज हम आपको मलेरिया के लक्षण, कारण, और खुद को सुरक्षित रखने के आसान उपाय बताएंगे।

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Malaria Cases In Delhi Hit Record High

Malaria Cases In Delhi Hit Record High: दिल्ली में इन दिनों मलेरिया के मामलों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। बारिश के बाद राजधानी के कई इलाकों में पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे लोगों में बुखार और संक्रमण की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। अस्पतालों में मलेरिया के मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। अगर बुखार या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत टेस्ट कराना जरूरी है।

दिल्ली में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे मलेरिया के केस

दिल्ली में मलेरिया के मामले इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं। एमसीडी की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ्ते मलेरिया के 60 और चिकनगुनिया के 14 नए मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं डेंगू के 81 नए मामले सामने आए हैं। अब तक इस साल जनवरी से लेकर अब तक दिल्ली में डेंगू के कुल 840 केस दर्ज हो चुके हैं। रिपोर्ट बताती है कि सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका दिल्ली कैंट है, जहां 94 केस सामने आए, जबकि मध्य क्षेत्र में 89 केस दर्ज हुए हैं। नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर तक मलेरिया के हजारों केस दर्ज हो चुके हैं, जो पिछले कई सालों की तुलना में काफी ज्यादा हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बारिश के बाद जमा पानी और साफ-सफाई की कमी मच्छरों के प्रजनन का सबसे बड़ा कारण बनी है। कई इलाकों में एंटी-लार्वा ड्राइव चल रही है, लेकिन संक्रमण की रफ्तार फिलहाल थम नहीं रही।

मलेरिया क्या है और कैसे फैलता है

मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है, जो एनॉफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलती है। ये मच्छर प्लाज्मोडियम परजीवी को शरीर में पहुंचा देता है, जिससे बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिर दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि यह बीमारी बारिश के मौसम और उसके बाद ज्यादा फैलती है क्योंकि इस दौरान मच्छरों को बढ़ने का अनुकूल वातावरण मिलता है।

मलेरिया और डेंगू के लक्षण पहचानें

डॉक्टरों के अनुसार मलेरिया की शुरुआत सामान्य बुखार से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह तेज बुखार में बदल जाती है। मरीज को ठंड लगना, जोड़ों में दर्द, शरीर टूटना, थकान, सिर दर्द और कभी-कभी उल्टी की शिकायत भी होती है। कुछ गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स भी गिर सकते हैं, जिससे स्थिति डेंगू जैसी गंभीर बन सकती है। अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा बना रहे, तो तुरंत खून की जांच कराएं।

खुद को मलेरिया से बचाने के आसान उपाय

मलेरिया से बचाव के लिए सबसे जरूरी है मच्छरों के काटने से बचना। इसके लिए सोने से पहले मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले और बाल्टी में पानी जमा हो तो उसे रोज खाली करें। मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट या लिक्विड वेपराइज़र का इस्तेमाल भी कारगर है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को खास ध्यान में रखें क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।

कब कराएं टेस्ट और क्या है मलेरिया का इलाज

अगर लगातार बुखार, ठंड लगना और कमजोरी महसूस हो रही है, तो तुरंत मलेरिया रैपिड टेस्ट या ब्लड स्मीयर टेस्ट कराएं। शुरुआती स्टेज में ही बीमारी का पता लग जाने पर इलाज आसान होता है। डॉक्टर आमतौर पर एंटी-मलेरियल दवाइयां देते हैं जो संक्रमण को कंट्रोल करती हैं। गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती की जरूरत भी पड़ सकती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि खुद से दवा न लें और पूरी तरह ठीक होने तक डॉक्टर की सलाह मानें।

सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अपील

दिल्ली नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे घरों और सोसाइटी में साफ-सफाई बनाए रखें। स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और पानी जमा न होने की अपील कर रही हैं। स्कूलों, दफ्तरों और कॉलोनियों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग थोड़ी सावधानी बरतें, तो मलेरिया जैसे संक्रमण से आसानी से बचा जा सकता है।

दिल्ली में मलेरिया का बढ़ता प्रकोप चिंता का विषय है, लेकिन ऐसे में घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। समय पर टेस्ट, सही इलाज और रोजमर्रा की छोटी सावधानियां इस बीमारी को रोकने में मददगार साबित हो सकती हैं। इसलिए बारिश के बाद अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें, क्योंकि सावधानी ही असली सुरक्षा है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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