हेल्थ

जंक फूड से स्ट्रेस तक, चुपचाप कमजोर हो रहा है लीवर, ये आदतें बन रही हैं कारण

Liver Health Problems: आज की तेज-तर्रार और तनावपूर्ण जिंदगी में, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम अपने लीवर की देखभाल करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने की बजाय, इसे प्राथमिकता दें। आधुनिक आहार में ऐसा क्या है जो हमारे लीवर पर भारी पड़ रहा है। इस आर्टिकल में डिटेल में तमाम मुद्दों पर बातचीत की गई है।

Liver Health Problems

चुपचाप कमजोर हो रहा है लीवर

Habits That Damage Liver: लीवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो रक्त को साफ करने और मेटाबॉलिज्म तथा इम्यूनिटी को नियंत्रित करने का कार्य करता है। फिर भी, यह अंग अक्सर काम के बोझ तले दबा रहता है और इसकी सेहत की अनदेखी की जाती है। लीवर के नुकसान के लक्षण अक्सर प्रारंभ में प्रकट नहीं होते हैं, और जब ये लक्षण दिखते हैं, तब तक स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है।

हाल के अध्ययनों से पता चला है कि भारत में वसा युक्त लीवर रोग (NAFLD) तेजी से बढ़ रहा है। यह रोग मुख्यतः मोटापा, मधुमेह और गतिहीन जीवनशैली के कारण हो रहा है। शहरी क्षेत्रों में, पुरुषों में NAFLD का खतरा अधिक है। यह स्पष्ट है कि अब लीवर के नुकसान का संबंध केवल शराब पीने वालों से नहीं है।

आधुनिक जीवनशैली का प्रभाव: आधुनिक जीवनशैली लीवर के लिए एक दुःस्वप्न बन चुकी है। अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ, शुगर, परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट और अस्वस्थ वसा लीवर के मेटाबॉलिज्म पर अत्यधिक दबाव डालते हैं। मिठाई और शर्करा युक्त पेय पदार्थ लीवर पर अतिरिक्त ग्लूकोज को वसा में परिवर्तित करने का बोझ डालते हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक बैठने, शारीरिक गतिविधि की कमी, नींद की कमी और तनाव जैसे कारक लीवर को आराम करने का मौका नहीं देते।

तनाव और नींद का लीवर पर प्रभाव: चिरस्थायी तनाव से कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, जो वसा भंडारण और इंसुलिन प्रतिरोध को प्रभावित करता है। नींद की कमी से भी मेटाबॉलिज्म में असंतुलन आता है। अध्ययन बताते हैं कि जो लोग प्रति रात छह घंटे से कम सोते हैं, उनमें मेटाबॉलिक विकार विकसित होने की संभावना अधिक होती है। लीवर मुख्यतः तब ठीक होता है जब व्यक्ति आराम करता है, और नींद की कमी के कारण लीवर को ठीक होने का समय नहीं मिलता।

प्रारंभिक संकेत जो लोग नजरअंदाज करते हैं: लगातार थकान, पेट के चारों ओर वजन बढ़ना, गैस बनना, मस्तिष्क में धुंधलापन और दाहिनी तरफ हल्का दर्द आमतौर पर सामान्य समझा जाता है। हालांकि, ये सभी लीवर के नुकसान के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं। प्रारंभिक अवस्था में ब्लड टेस्ट सामान्य हो सकते हैं, इसलिए जीवनशैली के प्रति जागरूक रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जागरूकता का समय: अच्छी खबर यह है कि प्रारंभिक अवस्था में लीवर के नुकसान को कुछ जीवनशैली परिवर्तनों के माध्यम से ठीक किया जा सकता है, जैसे संतुलित आहार, शारीरिक व्यायाम, शराब का सेवन कम करना, बेहतर नींद और तनाव प्रबंधन। लेकिन, यदि इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो यह फाइब्रोसिस, सिरोसिस और स्थायी जटिलताओं का कारण बन सकता है।

प्रभात शर्मा
प्रभात शर्मा author

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–... और देखें

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