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International Self Care Day: उम्र और जेंडर के हिसाब से सालभर में कौन-कौन से हेल्थ चेकअप कराने चाहिए

किस उम्र में कौन से टेस्ट कराना और किस समय कराना ये सब सेल्फ केयर का हिस्सा है। आज international Self-Care day के मौके पर हम आपको उम्र और जेंडर के हिसाब से हेल्थ चेकअप के बारे में बताएंगे।

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उम्र के हिसाब से हेल्थ चेकअप प्लान

International Self Care Day: 24 जुलाई को पूरी दुनिया International Self-Care Day के रूप में मनाती है। आमतौर पर सेल्फ-केयर का मतलब अच्छी डाइट, योग, वॉक या मेडिटेशन से लगाया जाता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि असली सेल्फ-केयर वह है जो बीमारी होने का इंतजार नहीं करती, बल्कि उसे समय रहते पकड़ती और ठीक भी कर लेती है।

भारत में हर साल लाखों लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर, किडनी डिजीज और कई तरह के कैंसर का पता तब लगाते हैं, जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। जबकि इनमें से ज्यादातर बीमारियां अपने शुरुआती सालों में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में विकसित होती रहती हैं। यही कारण है कि आज Preventive Health Checkup यानी रोकथाम आधारित स्वास्थ्य जांच पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आज International Self-Care Day के मौके पर हम आपको बताएंगे कि उम्र और जेंडर के आधार पर कब और कौन सा हेल्थ चेकअप (health checkup calendar) कराना चाहिए?

तेजी से क्यों बढ़ रहे लाइफस्टाइल रोग?

भारत में लोगों के बीच मेटाबॉलिक बीमारियां जैसे- टाइप-2 डायबिटीज, फैटी लिवर, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर आदि तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा अक्सर पश्चिमी देशों की तुलना में कम उम्र में दिखाई देने लगी हैं। इसका कारण बदलती जीवनशैली, लंबे समय तक बैठकर काम करना, प्रोसेस्ड फूड, कम फिजिकल एक्टिविटी, तनाव और नींद की कमी माने जाते हैं। यही वजह है कि अब 20 और 30 की उम्र में भी केवल 'फिट दिखना' पर्याप्त नहीं माना जाता है।

20-30 साल की उम्र के हेल्थ चेकअप

यह उम्र (20-30 साल) शरीर की सबसे सक्रिय अवस्था मानी जाती है, लेकिन यहीं से गलत जीवनशैली भविष्य की बीमारियों की शुरुआत कर सकती है। इस उम्र के लोगों को कुछ हेल्थ चेकअप जरूर कराने चाहिए।

  • ब्लड प्रेशर
  • बॉडी मास इंडेक्स (BMI)
  • कमर की माप
  • ब्लड शुगर (जोखिम होने पर)
  • CBC
  • आंखों की जांच
  • दांतों की जांच
  • 21 वर्ष के बाद डॉक्टर की सलाह अनुसार Pap Smear
  • गायनेकोलॉजिकल चेकअप
  • आयरन की कमी होने पर CBC

यदि परिवार में हार्ट डिजीज या डायबिटीज है तो Lipid Profile पहले भी कराया जा सकता है।

30-40 साल की उम्र में हेल्थ चेकअप

इस उम्र में शरीर के अंदर होने वाले बदलाव अक्सर बाहर दिखाई नहीं देते हैं। इस आयु वर्ग के लोगों के लिए कुछ जरूरी जांच हैं।

  • Blood Pressure
  • HbA1c
  • Lipid Profile
  • Liver Function Test
  • Kidney Function Test
  • Thyroid Profile
  • Vitamin D (जरूरत होने पर)
  • Vitamin B12 (जरूरत होने पर)

ज्यादातर लोग सिर्फ Fasting Sugar करवाते हैं। लेकिन HbA1c पिछले लगभग 3 महीनों का औसत ब्लड शुगर बताता है, इसलिए यह डायबिटीज की पहचान और नियंत्रण का अधिक भरोसेमंद संकेतक माना जाता है।

40-50 साल के लोगों के लिए हेल्थ चेकअप

40 के बाद शरीर में कई बदलाव तेजी से होते हैं। यही कारण है कि उम्र में सेहत के लिए कुछ चेकअप जरूरी होते हैं। इस उम्र में हर साल ये हेल्थ चेकअप उपयोगी हो सकती हैं-

  • Blood Sugar
  • HbA1c
  • Lipid Profile
  • ECG
  • Kidney Function
  • Liver Function
  • Eye Checkup (ग्लूकोमा सहित)
  • Mammography (डॉक्टर की सलाह अनुसार)
  • Cervical Cancer Screening

यदि प्रोस्टेट संबंधी लक्षण हों तो PSA टेस्ट पर डॉक्टर से सलाह लें।

50-60 साल में जरूर कराएं ये हेल्थ चेकअप

इस उम्र में Preventive Screening केवल फिट रहने के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि ये आपका जीवन बचा सकती है। इस उम्र में जरूरी जांच हैं-

  • Colon Cancer Screening
  • Bone Density Test
  • ECG/TMT (जोखिम के अनुसार)
  • Hearing Test
  • Vision Test
  • Mammography
  • Osteoporosis Screening
  • Prostate Evaluation

60 साल की उम्र के बाद

इस उम्र में लक्ष्य केवल बीमारी पकड़ना नहीं बल्कि जीवन की गुणवत्ता बनाए रखना होता है। 60 की उम्र के बाद आपको हर साल ये हेल्थ चेकअप कराने चाहिए।

  • Complete Health Checkup
  • Blood Pressure
  • Blood Sugar
  • Kidney Function
  • Liver Function
  • Bone Density
  • Vision
  • Hearing
  • Memory Assessment
  • Fall Risk Assessment
  • Vaccination Review

हेल्थ चेकअप से पहले रखें ये 5 बातें

  1. जांच से पहले डॉक्टर से पूछें कि कौन-सी दवा सामान्य समय पर लेनी है।
  2. यदि उपवास वाली जांच है तो केवल पानी पिएं।
  3. बायोटिन या कुछ सप्लीमेंट्स कुछ लैब टेस्ट को प्रभावित कर सकते हैं।
  4. अपनी पुरानी रिपोर्ट साथ रखें ताकि तुलना की जा सके।
  5. जांच से एक दिन पहले अत्यधिक शराब और भारी व्यायाम से बचें।

महिलाओं का हेल्थ चेकअप कैलेंडर

जांचउम्रकितनी बारक्यों जरूरी?
HbA1c25+ (जोखिम होने पर)डॉक्टर की सलाह अनुसारडायबिटीज की शुरुआती पहचान
Pap Smear21–65निर्धारित अंतराल परसर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग
Mammography40+डॉक्टर की सलाह अनुसारस्तन कैंसर की शुरुआती पहचान
Bone Density50+जरूरत अनुसारऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम

पुरुषों का हेल्थ चेकअप कैलेंडर

जांचउम्रकितनी बारक्यों जरूरी?
Lipid Profile25+ (जोखिम होने पर)डॉक्टर की सलाह अनुसारहृदय रोग के जोखिम का आकलन
ECG40+डॉक्टर की सलाह अनुसारहृदय की विद्युत गतिविधि की जांच
PSAचयनित मामलों मेंडॉक्टर की सलाह अनुसारप्रोस्टेट संबंधी समस्याओं का मूल्यांकन

कब डॉक्टर से मिलना है जरूरी?

  • ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ा हुआ मिले।
  • HbA1c डायबिटीज की सीमा में हो।
  • कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स बहुत अधिक हों।
  • किडनी या लिवर की रिपोर्ट असामान्य आए।
  • मल या मूत्र में खून मिले।
  • किसी स्क्रीनिंग टेस्ट में असामान्य परिणाम आए।

International Self-Care Day हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य की सबसे बड़ी सुरक्षा बीमारी के इलाज में नहीं, बल्कि उसकी समय पर पहचान में छिपी है। उम्र, जेंडर, पारिवारिक इतिहास और जीवनशैली के अनुसार नियमित हेल्थ चेकअप कराकर आप कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगा सकते हैं।याद रखें कि हर व्यक्ति के लिए एक जैसा हेल्थ चेकअप प्लान सही नहीं हो सकता है। इसलिए अपने डॉक्टर से सलाह लेकर अपने लिए पर्सनल 'Preventive Health Blueprint' तैयार करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। जांच की आवश्यकता, समय और अंतराल व्यक्ति की चिकित्सकीय स्थिति, लक्षणों और जोखिम कारकों के अनुसार अलग हो सकते हैं। किसी भी टेस्ट या उपचार का निर्णय योग्य चिकित्सक की सलाह से ही लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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