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बढ़ा हुआ Cholesterol Level ले सकता है आपकी जान, जानिए HDL-LDL की हाई बॉर्डरलाइन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Jun 13, 2023, 09:42 AM IST

Health Tips in Hindi: हाई कोलेस्ट्रॉल या हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया की स्थिति किसी के लिए नई नहीं है। हाई कोलेस्ट्रॉल आज कई लोगों की समस्या बन गया है। कोलेस्ट्रॉल एक ऐसा पदार्थ है जो हमारी धमनियों में जमा हो जाता है और ब्लड सर्कुलेशन को बाधित करता है जिससे हार्ट अटैक या दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

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Cholesterol Level: कोलेस्ट्रॉल क्या है? देखें, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण और उपाय

Photo : iStock

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Limits of Cholesterol levels: खराब लाइफस्टाइल के चलते शरीर में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने लगती हैं, जिनमें से एक है हाई कोलेस्ट्रॉल। हाई कोलेस्ट्रॉल वाले व्यक्ति को हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी कई बीमारियों का खतरा होता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के मामले इस कदर बढ़ रहे हैं कि यह आजकल एक आम समस्या बन गई है। कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि दुनिया की एक तिहाई आबादी अक्सर बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के स्तर के कारण दिल से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित रहती है।

कोलेस्ट्रॉल अक्सर शरीर में थकान का कारण बनता है। आपका किसी काम में मन भी नहीं लगता और हर समय सोना चाहते हैं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के साथ ही दिल की बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या के कारण शरीर में रक्त का प्रवाह भी कम हो जाता है जिससे त्वचा का रंग पीला पड़ने लगता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है।

हमें कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता क्यों है? - Why do we need cholesterol?

कोलेस्ट्रॉल हर किसी के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर हमारे शरीर में पर्याप्त कोलेस्ट्रॉल है तो कोई समस्या नहीं है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक जैसी समस्या का कारण बन सकता है। आपके शरीर को हार्मोन बनाने, विटामिन डी का उत्पादन करने और कोशिकाओं के निर्माण जैसे आवश्यक कार्य करने के लिए कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है। दूसरी ओर, यदि कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत अधिक है, तो इसे हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया कहा जाता है, और यदि यह बहुत कम होता है, तो इसे हाइपोकोलेस्ट्रोलेमिया कहा जाता है।

कोलेस्ट्रॉल के प्रकार - Types of Cholesterol

कोलेस्ट्रॉल आपके रक्त के माध्यम से प्रोटीन द्वारा ले जाया जाता है और पूरे शरीर में यात्रा करता है। फैट दो प्रकार के होते हैं। हाई डेंसिटी वाले लिपोप्रोटीन हैं, जिन्हें अच्छे कोलेस्ट्रॉल के रूप में भी जाना जाता है। दूसरा कम घनत्व वाला लिपोप्रोटीन है, जिसे खराब फैट के रूप में भी जाना जाता है।

किशोर और बच्चों के लिए कोलेस्ट्रॉल का स्तर - Cholesterol Levels for Teens and Children

बच्चों में उनके परिवार के इतिहास के आधार पर, उनकी उम्र के लिए औसत से अधिक कोलेस्ट्रॉल का स्तर होने की संभावना अधिक होती है। किशोरों और बच्चों के लिए कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 170 मिलीग्राम से कम होना चाहिए।

एचडीएल और एलडीएल के लिए सामान्य सीमा क्या है? - What is the normal range for HDL and LDL?

एक आदर्श एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 70 मिलीग्राम/डीएल से कम होना चाहिए और एक महिला का एचडीएल कोलेस्ट्रॉल स्तर 50 मिलीग्राम/डीएल के करीब होना चाहिए। ट्राइग्लिसराइड्स 150 mg/dl से कम होना चाहिए। कुल कोलेस्ट्रॉल 200 mg/dl से कम होना चाहिए।

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कैसे नियंत्रित करें - How to control cholesterol level ?

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए रोजाना हरी सब्जियां खाएं। मौसमी सब्जियां खाएं, लेकिन खाना बनाने में तेल और मसालों का कम इस्तेमाल करें। यदि आप अपने कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो आपको सक्रिय रहने की आवश्यकता है। इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट। यदि आप व्यायाम नहीं कर सकते तो टहलना शुरू कर दें। इससे बॉडी फैट बर्न करने में मदद मिलती है। अगर शरीर हाइड्रेट रहेगा तो कई समस्याएं आपसे दूर हो जाएंगी और उनमें से एक है कोलेस्ट्रॉल। रोजाना कम से कम 3 लीटर पानी पिएं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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