Planning To Conceive Then Avoid These Healthy Foods: बहुत से कपल के साथ अक्सर हम देखते हैं कि वह जब माता-पिता बनने की तैयारी करते हैं, तो अपने खानपान से लेकर हर चीज का बहुत खास ध्यान रखते हैं। वह अपने स्वास्थ्य की काफी देखभाल करते हैं और सबकुछ हेल्दी खाते हैं। लेकिन फिर भी बहुत से कपल को गर्भधारण में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वह कोशिश तो काफी करते हैं, लेकिन फिर भी प्रेग्नेंसी नहीं लग पाती है। ऐसे में वे इस बात को लेकर काफी तनाव लेने लगते हैं। वह अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों होता है? वह अपनी प्रजनन क्षमता को लेकर भी चिंता महसूस करने लगते हैं।
आपको बता दें कि हर बार गर्भधारण न होने की वजह कमजोर प्रजनन क्षमता होना ही नहीं होता है। इसके अलावा, भी कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जो गर्भधारण को रोकती हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि हम कुछ ऐसे फूड भी खाते हैं, जो आमतौर पर तो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होते हैं, लेकिन जो कपल गर्भधारण की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए इनका सेवन ठीक नहीं माना जाता है। ये गर्भधारण को प्रभावित कर सकते हैं। हेल्थ इन्फ्लूएंसर और आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्षा भावसार ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे ही चीजें शेयर की हैं, जो भले ही हेल्दी होती हैं लेकिन अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं, तो पुरुष और महिला दोनों को ही इनके सेवन से बचना चाहिए।
गर्भधारण में परेशानी का कारण बनते हैं ये फूड
1. इलायची (Cardamom)
यह सबसे अच्छे मसालों में से एक है, जो शरीर में वात और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है। यह सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द, सीने में जलन, यूरिन संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी मदद करता है यह एक प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर है, और कामोत्तेजक के रूप में कार्य करती है। इलायची का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है। यह पाचन क्रिया दुरुस्त करती है, खांसी के उपचार में मदद करती है और पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और शीघ्रपतन जैसी समस्याएं दूर करती हैं।
लेकिन इतने फायदे होने के बाद भी इसका सेवन कंसीव करने से पहले नहीं करना चाहिए। आयुर्वेद गर्भावस्था के दौरान बहुत सीमित मात्रा में ही इलायची का सेवन करने की सलाह देता है। साथ ही, कंसीव करने के दौरान भी इससे बचने का सुझाव देता है। अगर अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाता है, तो यह आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। 2-3 महीने से पहले से इसका सेवन बंद कर दें।
2. अलसी के बीज (Flax Seeds)
ये बीज हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं। ये रक्त में स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखते हैं। प्रोस्टेट और यूटीआई समस्याओं को रोकने और प्रबंधित करने में भी मदद करते हैं।
लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, अलसी के बीज गर्म प्रकृति के होते हैं और इन्हें शुक्राघी माना जाता है।जिसका अर्थ है कि ये शुक्राणु /वीर्य को कम करने में योगदान देते हैं। ये पुरुषों में स्पर्म की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। पुरुष और महिलाएं, दोनों को ही इसके सेवन से परहेज करना चाहिए। इनका सेवन भी कुछ महीने पहले से ही बंद कर दें।
3. गुड़हल (Hibiscus)
इस फूल को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। ये शरीर के लिए ठंडे होते हैं। इनका प्रयोग माइग्रेन सिरदर्द से राहत पाने के लिए भी किया जाता है। ये बालों से जुड़ी समस्याएं, कील-मुंहासे और पित्त दोष से जुड़ी स्थितियों को दूर करने में मदद करते हैं।
लेकिन इनका सेवन भी गर्भवती महिलाओं और या फिर गर्भधारण की कोशिश कर रहे जोड़ों को करने से बचना चाहिए। क्योंकि इसमें गर्भनिरोधक प्रभाव होता है। इसका सेवन कम से कम से कम 3-4 महीने से बंद कर देना चाहिए।
