हेल्थ

गुलाबजामुन से लेकर पकौड़े तक, त्योहारों में सेहत और स्वाद दोनों कैसे बचाएं? ऐसे बनाए हेल्दी बैलेंस

How To Manage Sugar And Fried Foods During Festivals: त्योहारों में मिठाइयों और तले भुने पकवानों से दूरी बनाना मुश्किल होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, थोड़ा सा स्मार्ट प्लान बनाकर आप सेहत और स्वाद दोनों को संभाल सकते हैं? न्यूट्रिशनिस्ट की मदद से जानिए कैसे गुलाबजामुन, लड्डू या पकौड़ों का मज़ा लेते हुए भी हेल्दी बैलेंस बनाए रखें।

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How To Manage Sugar And Fried Foods During Festivals

How To Manage Sugar And Fried Foods During Festivals: त्योहारों का मौसम आते ही घर-घर में मिठाइयों और तले भुने पकवानों की खुशबू फैल जाती है। लेकिन इसी समय हमारी डाइट और सेहत पर सबसे ज़्यादा असर भी पड़ता है। एक तरफ स्वाद की चाह, तो दूसरी ओर वजन और ब्लड शुगर बढ़ने का डर ये दुविधा लगभग हर किसी की होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या त्योहारों में सेहत से समझौता किए बिना स्वाद का मजा लिया जा सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो बिल्कुल हां! बस थोड़ी समझदारी और बैलेंस बनाकर आप दोनों का मजा ले सकते हैं।

मिठाई खाएं पर प्लान बनाकर

त्योहारों में गुलाबजामुन, रसगुल्ले, लड्डू या खीर जैसे मीठे पकवानों का स्वाद न लेना लगभग नामुमकिन है। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिठाई पूरी तरह छोड़ने की बजाय, पोर्शन कंट्रोल सबसे जरूरी है। यानी अगर आप दिन में एक गुलाबजामुन खा रहे हैं, तो बाकी दिन अपने खाने में शुगर कम रखें। साथ ही, मिठाई खाने का सही समय है – दिन के वक्त, ताकि शरीर उसे एनर्जी में बदल सके।

फ्राइड फूड से नहीं ओवरईटिंग से बचें

त्योहारों में पकौड़े, समोसे, चिप्स या पूड़ी खाने से परहेज़ करना मुश्किल होता है। न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक, इन चीजों से पूरी तरह बचना जरूरी नहीं, बल्कि ओवरईटिंग से बचना जरूरी है। फ्राइड फूड खाते वक्त थोड़ा सलाद या दही भी साथ लें, जिससे पाचन बेहतर रहे। इसके अलावा, दिनभर की बाकी मील्स हल्की और ऑयल-फ्री रखें, ताकि बैलेंस बना रहे।

घर का बना खाना रखें प्राथमिकता में

बाजार की मिठाइयों या बाहर का जंक फूड खाने की बजाय घर पर बनी चीजें ज़्यादा हेल्दी होती हैं। घर में बनाते वक्त तेल, चीनी या मैदे की मात्रा को कंट्रोल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, आप बेसन के लड्डू घी में फ्राई करने की बजाय ड्राय रोस्ट करके बना सकते हैं या गुड़ का इस्तेमाल करके उन्हें और पौष्टिक बना सकते हैं।

वॉक और वॉटर त्योहारों के दो साथी

त्योहारों में हम खाना तो खूब खाते हैं लेकिन चलते-फिरते कम हैं। न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह है कि खाने के बाद कम से कम 10–15 मिनट टहलना जरूर चाहिए। इससे पाचन सुधरता है और ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है। साथ ही, पानी पीना न भूलें- क्योंकि डिहाइड्रेशन से भूख ज़्यादा लगती है और हम ज़रूरत से ज़्यादा खा लेते हैं।

डिटॉक्स ड्रिंक्स और हेल्दी स्नैक्स रखें साथ

त्योहारों में डिटॉक्स ड्रिंक्स जैसे नींबू-पानी, नारियल पानी या ग्रीन टी आपकी सेहत को सपोर्ट कर सकते हैं। ये न सिर्फ शरीर को क्लीन करते हैं बल्कि ओवरईटिंग से हुई भारीपन की समस्या भी कम करते हैं। साथ ही, बीच-बीच में हेल्दी स्नैक्स जैसे फॉक्स नट्स (मखाने), भुने चने या फ्रूट सलाद खाते रहें, ताकि आपकी एनर्जी बनी रहे और पेट भी भरा महसूस हो।

गिल्ट फ्री फेस्टिवल मनाएं

त्योहार खुशियों का वक्त होता है, इसलिए खुद पर ज़्यादा सख्ती न करें। अगर किसी दिन थोड़ा ज़्यादा खा लिया है, तो अगले दिन अपनी डाइट और एक्टिविटी पर ध्यान दें। याद रखें, हेल्दी बैलेंस ही असली मंत्र है। इससे न तो स्वाद से समझौता होगा और न सेहत से।

त्योहारों में खुद को मिठाइयों और स्नैक्स से दूर रखना जरूरी नहीं है, बस खाने का तरीका स्मार्ट होना चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह मानें - पोर्शन कंट्रोल, हाइड्रेशन और एक्टिविटी को अपनी फेस्टिव लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं। फिर देखिए, गुलाबजामुन और पकौड़ों का मज़ा भी मिलेगा और सेहत भी दुरुस्त रहेगी!

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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