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आयुर्वेद के अनुसार गर्मी में ऐसे खाएं रसीला आम, चेहरे पर नहीं होंगे कील-मुंहासे, नहीं बढ़ेगा शुगर-मोटापा

How To Eat Mango According To Ayurveda: गर्मियों में आपने अक्सर बहुत से लोगों को आम खाने से बचते देखा होगा। इसके पीछे कारण कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हैं जैसे चेहरे पर मुंहासे होना, शुगर बढ़ना या मोटापा आदि। लेकिन क्या आप जानते हैं, आयुर्वेद के अनुसार, आम खाना सेहत के लिए बहुत अच्छा है, बस जरूरत है कि उसे सही समय, सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए। अगर आप सही तरीके से आम खाएंगे तो इससे सेहत को कोई नुकसान नहीं होगा। इस लेख में जानें आयुर्वेद के अनुसार कैसे खाएं आम...

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How To Eat Mango As Per Ayurveda In Hindi

How To Eat Mango According To Ayurveda: गर्मियों का मौसम आते ही सबसे पहले जो फल हमारे मन में आता है, वो है आम। बच्चे हों या बड़े, सबको आम खाना पसंद होता है। लेकिन कई बार लोगों को ये चिंता भी सताती है कि आम खाने से कहीं पिंपल्स न निकल आएं, या फिर शुगर लेवल न बढ़ जाए। कुछ लोग तो वजन बढ़ने के डर से आम खाने से बचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आम को सही तरीके से खाया जाए, तो यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।

आयुर्वेद की एक्सपर्ट और इंस्टाग्राम हेल्थ इन्फ्लुएंसर डॉ. दीक्षा भावसार (BAMS Ayurveda) के मुताबिक, अगर आम को कुछ आसान नियमों के साथ खाया जाए, तो इससे न तो पिंपल होंगे, न पेट की दिक्कत और न ही शुगर लेवल में उछाल। आइए जानते हैं आयुर्वेदाचार्य के बताए कुछ आसान और असरदार तरीके, जिससे आप बिना किसी हेल्थ प्रॉब्लम के गर्मियों में आम का भरपूर मजा ले सकते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार आम कैसे खाएं - How To Eat Mango As Per Ayurveda In Hindi

खाने से पहले पानी में भिगोना जरूरी

आयुर्वेद के अनुसार, आम को सीधे फ्रिज से निकालकर खाना सही नहीं होता। डॉ. दीक्षा कहती हैं कि आम को कम से कम 2-3 घंटे तक पानी में भिगोकर रखें। ऐसा करने से आम की गर्म तासीर कम हो जाती है और उसमें मौजूद फाइटिक एसिड भी निकल जाता है, जो कई बार स्किन प्रॉब्लम्स और पेट की तकलीफों की वजह बनता है। भिगोकर खाने से आम पचाने में आसान हो जाता है और शरीर को उसका पूरा फायदा मिलता है।

आम को कभी भी खाने के साथ न लें

बहुत से लोग आम को भोजन के साथ खाते हैं, लेकिन आयुर्वेद इसे गलत मानता है। डॉ. दीक्षा कहती हैं कि आम को या तो खाने से एक घंटा पहले खाएं या फिर दो घंटे बाद। मील के साथ आम खाने से पेट में फर्मेंटेशन हो सकता है, जिससे गैस, एसिडिटी और स्किन पर मुंहासों जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

आम के साथ लें ये बीज

अगर आप चाहते हैं कि आम की गर्मी शरीर को नुकसान न पहुंचाए, तो उसके साथ एक चम्मच सब्जा सीड्स जरूर लें। यह शरीर को ठंडक देता है और त्वचा पर होने वाली समस्याओं से भी बचाता है। डॉ. दीक्षा के अनुसार, सब्जा सीड्स पाचन को भी बेहतर बनाते हैं और पेट की जलन से राहत दिलाते हैं।

ब्लड शुगर और वजन की चिंता है तो इस तरह खाएं आम - How To Eat Mango To Prevent Weight Gain And Blood Sugar Spike In Hindi

आम मीठा होता है और इसी वजह से डायबिटीज या वजन बढ़ने की चिंता रहती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप आम खाना छोड़ दें। डॉ. दीक्षा बताती हैं कि अगर आप आम को लिमिट में खाएं, जैसे कि आधा कप या एक छोटा टुकड़ा, और उसे हेल्दी फैट्स या प्रोटीन के साथ खाएं, जैसे बादाम के साथ, तो यह नुकसान नहीं करेगा। इसे सुबह या दिन में खाएं, खाली पेट या रात में खाने से बचें।

जूस की बजाय खाएं पूरा आम

आम का रस पीने में जितना स्वाद आता है, उतना ही नुकसान भी हो सकता है। जब आप आम को जूस की शक्ल में पीते हैं, तो उसके रेशे और फाइबर खत्म हो जाते हैं, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और वजन भी जल्दी बढ़ता है। इसलिए बेहतर यही है कि आम को चबाकर खाएं, ताकि उसका पूरा पोषण मिले और पाचन भी बेहतर हो।

संतुलन और सर्द-गर्म का ध्यान रखें

गर्मी में आम खाना बुरा नहीं है, बस इसे खाने का तरीका और टाइम सही होना चाहिए। ठंडी चीजों के साथ संतुलन बनाए रखें, जैसे कि आम के बाद छाछ या नारियल पानी ले सकते हैं। इससे शरीर में गर्मी नहीं बढ़ेगी और आम का स्वाद भी बना रहेगा।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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