How Many Days Can A Person Survive Without Sleep: क्या आपने कभी किसी दिन सोचा है कि अगर आप लगातार जागते रहें तो क्या होगा? बहुत से लोग सोचते हैं कि थोड़ी नींद न आने से कुछ खास फर्क नहीं पड़ता, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, नींद सिर्फ आराम नहीं बल्कि शरीर और दिमाग दोनों की जरूरत है। नींद के बिना शरीर अंदर से टूटने लगता है। रिसर्च बताती हैं कि लगातार कई दिन तक न सोना शरीर की हर सिस्टम पर बुरा असर डाल सकता है। दिमाग की कार्यक्षमता घट जाती है, सोचने-समझने की क्षमता खत्म होती है और इमोशनल बैलेंस तक बिगड़ सकता है।
शरीर का सिस्टम हो जाता है गड़बड़
नींद हमारे शरीर के रिपेयर सिस्टम की तरह काम करती है। जब हम सोते हैं, तब शरीर खुद को रीसेट करता है। इस दौरान सेल्स रिपेयर होते हैं, हार्मोन संतुलित रहते हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। अगर कोई व्यक्ति 24 घंटे से ज्यादा न सोए, तो थकान, सिरदर्द और आंखों में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। धीरे-धीरे शरीर का तापमान भी असामान्य होने लगता है और इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है।
36 घंटे के बाद दिमाग पर दिखने लगते हैं असर
रिसर्च के मुताबिक, अगर आप लगातार 36 घंटे तक नहीं सोते, तो दिमाग की कार्यक्षमता तेजी से घटने लगती है। ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है, सोचने की गति धीमी हो जाती है और मूड बार-बार बदलने लगता है। कई बार बिना नींद के व्यक्ति को झूठी आवाजें या चीजें सुनाई देने लगती हैं, यानी हल्के भ्रम (hallucination) शुरू हो जाते हैं।
48 घंटे के बाद ब्रेन करता है ‘स्लो डाउन’
दो दिन बिना नींद के रहने पर ब्रेन का रिएक्शन टाइम कम हो जाता है। यानी किसी चीज पर तुरंत प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस अवस्था में इंसान का ब्रेन ‘माइक्रो-स्लीप’ लेने लगता है - कुछ सेकंड्स के लिए दिमाग अपने आप बंद होकर नींद की छोटी झपकी ले लेता है, भले ही व्यक्ति जाग रहा हो।
72 घंटे यानी तीन दिन बाद शुरू होती है गंभीर गड़बड़ी
तीन दिन तक न सोने के बाद शरीर और दिमाग दोनों चरम सीमा पर पहुंच जाते हैं। इस समय इंसान को भ्रम, गुस्सा, चिड़चिड़ापन और याददाश्त कमजोर होने लगती है। वैज्ञानिक बताते हैं कि यह स्थिति बहुत खतरनाक होती है क्योंकि ब्रेन की न्यूरल कनेक्शन बिगड़ने लगती है। व्यक्ति की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता लगभग खत्म हो जाती है।
लंबे समय तक नींद की कमी से मौत का भी खतरा
नींद की कमी सिर्फ थकान या आलस की बात नहीं है। यह हार्ट, ब्लड प्रेशर और इम्यून सिस्टम पर सीधा असर डालती है। कई एक्सपेरिमेंट में पाया गया कि लगातार नींद न आने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और यहां तक कि मौत का भी खतरा बढ़ सकता है। 1964 में किए गए एक प्रयोग में एक छात्र ने 11 दिन तक बिना सोए रहकर रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन इसके बाद उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई थी।
नींद का महत्व समझिए
नींद कोई विलासिता नहीं, बल्कि शरीर की जरूरत है। हर इंसान को रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। यह न केवल मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है बल्कि हार्ट, ब्लड शुगर और इम्यून सिस्टम को भी संतुलित रखती है। अगर आपको लगातार नींद नहीं आती, तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से सलाह जरूर लें, क्योंकि यह किसी गंभीर नींद विकार (sleep disorder) का संकेत हो सकता है।
नींद सिर्फ आराम नहीं देती, बल्कि जिंदगी को संतुलन में रखती है। बिना नींद के कुछ घंटे या एक दिन तो शरीर संभाल लेता है, लेकिन लंबे समय तक यह आदत खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए अपनी नींद को उतना ही महत्व दें, जितना आप अपने खाने या काम को देते हैं, क्योंकि अच्छी नींद ही अच्छी सेहत की पहली सीढ़ी है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
