ज्यादा माचा पीने के नुकसान
How Excess Matcha Affects Liver Heart And Nutrients: आजकल हेल्थ ट्रेंड्स इतनी तेजी से बदल रहे हैं कि लोग बिना सोचे-समझे किसी भी चीज़ को ‘सुपरफूड’ मानकर अपनी डाइट में शामिल कर लेते हैं। माचा भी उन्हीं में से एक है। सोशल मीडिया पर हर जगह इसे फिटनेस ड्रिंक की तरह दिखाया जाता है - कोई वेट लॉस के लिए पी रहा है, तो कोई डिटॉक्स के नाम पर दिन में दो-दो कप ले रहा है। लेकिन क्या वाकई माचा इतना हेल्दी है कि इसे मनमर्जी की मात्रा में पिया जा सके? असल में, माचा में कैफीन और एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा सामान्य ग्रीन टी से भी ज्यादा होती है, और यही बात इसे ओवरडोज में नुकसानदायक बना देती है। ज्यादा माचा पीने से लिवर, हार्ट और शरीर के न्यूट्रिशन लेवल तक प्रभावित हो सकते हैं। आइए समझते हैं कैसे।
माचा को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि इसमें कैटेचिन्स बहुत ज्यादा होते हैं। थोड़ी मात्रा में यह एंटीऑक्सिडेंट फायदेमंद होते हैं, लेकिन जब रोजाना इनकी मात्रा बढ़ जाती है तो यह लिवर को ओवरलोड करने लगते हैं। लगातार हाई मात्रा में माचा पीने से लिवर को इन यौगिकों को प्रोसेस करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिसकी वजह से सूजन, स्ट्रेस और लिवर फंक्शन में गड़बड़ी देखी गई है। कई रिपोर्ट्स में भी बताया गया है कि माचा या ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट के ओवरकंजम्प्शन से लिवर एंज़ाइम बढ़ सकते हैं, जो खतरे का संकेत है।
माचा में कैफीन ग्रीन टी से कहीं ज्यादा होता है। यही वजह है कि बार-बार या ज्यादा मात्रा में माचा लेने से दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, बेचैनी और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। जिन लोगों को पहले से हार्ट या बीपी की समस्या है, उनके लिए माचा का ओवरडोज़ और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि माचा को एनर्जी ड्रिंक समझकर लगातार पीना दिल पर अनचाहा दबाव डाल सकता है।
एक और कम जाने जाने वाला साइड इफेक्ट है न्यूट्रिशन बैलेंस का बिगड़ना। माचा में मौजूद टैनिन्स शरीर में आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं। अगर कोई रोजाना बहुत ज्यादा माचा पी रहा है, खासकर खाने के साथ, तो धीरे-धीरे शरीर में आयरन और कुछ अन्य जरूरी मिनरल्स की कमी होने लगती है। यह खासतौर पर महिलाओं, एनीमिया से जूझ रहे लोगों और बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
ज्यादा माचा पीने से गैस, ऐसिडिटी, पेट दर्द और भूख न लगना जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। इसकी वजह है - उच्च मात्रा में कैफीन और कैटेचिन्स का पेट पर सीधा असर। खाली पेट माचा लेना तो और भी नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे ऐसिडिटी और मितली बढ़ने लगती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, दिन में एक कप से ज्यादा माचा पीना आदर्श नहीं माना जाता। खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें हार्ट, लिवर या हाई बीपी की समस्या है। अगर आप माचा पीना पसंद करते हैं, तो इसकी मात्रा सीमित रखें और इसे भोजन के तुरंत बाद न लें, ताकि न्यूट्रिएंट्स का अवशोषण प्रभावित न हो।
माचा बिल्कुल बुरा नहीं है संतुलित मात्रा में यह एंटीऑक्सिडेंट्स और एनर्जी के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन इसे जितना ज्यादा, उतना अच्छा वाली चीज समझकर इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत है। जैसे हर चीज का सही डोज होता है, वैसे ही माचा का भी संतुलन जरूरी है। ट्रेंड्स पर चलने से पहले अपने शरीर की जरूरत और लिमिट को समझना बेहद महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।