Heart Attack Increasing In Youth: पहले दिल की बीमारी को सिर्फ उम्रदराज लोगों की समस्या माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। दिल्ली के एम्स की एक नई स्टडी ने बताया है कि 25 से 45 साल के युवा भी तेजी से हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। चौकाने वाली बात ये है कि इनमें से कई लोग पहले से किसी बीमारी से पीड़ित नहीं थे। ऐसे में सवाल उठता है क्या हमारी बदलती लाइफस्टाइल और आदतें हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा रही हैं? चलिए जानते हैं आखिर क्या है वजह....
AIIMS की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
AIIMS दिल्ली ने हार्ट अटैक के अचानक होने वाले मामलों पर रिसर्च की और पाया कि अब युवा भी इस खतरे की चपेट में आ रहे हैं। 25 से 45 साल के कई मरीज बिना किसी बड़ी बीमारी के अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत का शिकार हुए हैं।
कोविड के बाद हालात और खराब
रिसर्च में यह भी बताया गया है कि कोरोना संक्रमण के बाद शरीर में थक्के बनने की समस्या बढ़ गई है। इससे हार्ट ब्लॉकेज और अचानक अटैक का खतरा बढ़ गया है, खासतौर पर उन लोगों में जो कोविड से उबर चुके हैं।
स्ट्रेस और नींद की कमी बन रही वजह
आज के युवा काम और लाइफ के बीच इतना उलझ गए हैं कि ना नींद पूरी हो रही है और ना ही मानसिक शांति मिल रही है। ज्यादा तनाव, मोबाइल की लत और आराम की कमी सीधे दिल पर असर डाल रही है।
जिम और भारी एक्सरसाइज से भी बढ़ रहा रिस्क
रिपोर्ट बताती है कि कुछ लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एक्सट्रीम वर्कआउट करते हैं। अचानक भारी वजन उठाना या तेज़ कार्डियो हार्ट पर दबाव डालता है, जिससे अटैक की संभावना बढ़ जाती है।
समय रहते जांच और सतर्कता जरूरी
रोजमर्रा की छोटी सावधानियाँ जैसे रेगुलर हेल्थ चेकअप, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच, साथ ही संतुलित आहार और योग से दिल को स्वस्थ रखा जा सकता है। हार्ट अटैक अब उम्र नहीं देखता, इसलिए सतर्क रहना ही बचाव है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
