Healthy Eating Habits: बफेलो विश्वविद्यालय (तुर्की) में हुए एक शोध में ये बात सामने आई है कि खाने को ठीक से चबाने वाले लोगों के शरीर में ग्लूकोज का स्तर पहले से कम हो जाता है। 14 अप्रैल को प्रकाशित हुए इस शोध के मुताबिक शोधकर्ता एस्कॉन ने बताया कि पूरी तरह से चबाने का काम कर रहे टाइप-2 डायबिटीज के रोगियों के ब्लड में ग्लूकोज का स्तर कम चबाकर खाना खा रहे रोगियों के मुकाबले काफी कम देखने को मिला। शोधकर्ता एस्कॉन यूबी स्कूल ऑफ डेंटल मेडिसिन में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम करते हैं। बता दें कि आयुर्वेद में भी चबा चबा कर खाना खाने को बेहद सेहतमंद माना गया है।
तुर्की के एक जाने माने अस्पताल के OPD में देखे गए टाइप-2 डायबिटीज के 94 मरीजों के आंकड़ों की संपूर्ण जांच में ये आंकड़े देखने को मिले हैं। इन मरीजों को दो समूहों में बांटा गया था। पहले समूह में रखे गए लोगों को खाने को ठीक से चबाकर खाने को कहा गया। तो वहीं दूसरे समूह के लोगों को खाना ठीक से ना चबाने को कहा गया।
दुनिया में 50 करोड़ शुगर के रोगी
इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 तक दुनिया भर में लगभग 50 करोड़ डायबिटीज के रोगी थे। जिनमें से लगभग 90% लोगों को टाइप-2 डायबिटीज ही रिपोर्ट किया गया था।
शुगर की बीमारी से बचने के उपाय
टाइप-2 डायबिटीज से बचने के लिए रोगियों को अपनी दिनचर्या में काफी बदलाव करने की जरूरत होती है। क्योंकि टाइप-2 डायबिटीज एक लाइफस्टाइल के कारण होने वाला रोग है।
- टाइप-2 डायबिटीज से बचाव के लिए रोगी को सबसे पहले अपना वजन कम करना चाहिए। यदि आपका वजन बढ़ा हुआ है तो आपको टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना काफी अधिक हो जाती है।
- इस रोग से बचाव के लिए आपको धूम्रपान, ड्रिंक जैसी आदतों को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए।
- टाइप-2 डायबिटीज के बचने के लिए रोगियों को अपने आहार में काफी बदलाव करने की जरूरत है। इस हेल्दी डाइट आपको इस रोग से बचाए रखती है।
- इसके साथ ही टाइप-2 डायबिटीज के रोगियों को खाने को अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए। ठीक से ना चबाकर खाया गया खाना भी इस रोग के बढ़ने का बड़ा कारण बनता है।
मधुमेह से बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले
शोध में ये बात भी सामने आई है कि डायबिटीज के रोगियों के ब्लड में 1% शुगर का लेवल बढ़ जाने पर हार्ट अटैक की संभावना 40% तक बढ़ जाती है। इसके साथ ही जैसे ही हमारे शरीर में ग्लूकोज का स्तर बढ़ता है वैसे ही किडनी, आंखों सहित न्यूरोपैथी की तमाम तरह की समस्याएं सामने आने लगती हैं।
