बार-बार पेशाब लीक होने की समस्या
Health Risks of Leaving Untreated Urinary Incontinence: अक्सर हम कुछ लोगों के साथ देखते हैं कि उन्हें कुछ समय से एक आम समस्या परेशान करती है, जिसे वे लोगों को बताने भी शर्म महसूस करते हैं। वह है हंसने, छींकते या दौड़ने समय थोड़ी-सी पेशाब निकल जाना। आमतौर पर शुरुआत में लोग इसे मामूली समझते हैं, फिर शर्म के मारे किसी को बताया भी नहीं हैं। लेकिन धीरे-धीरे ये समस्या बढ़ती जाती और अब घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
अगर आप भी इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं तो बता दें कि आप अकेले नहीं हैं, यही हाल बहुत से लोगों का है, खासकर महिलाओं का। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. एम गोपीचंद कहते हैं कि बार-बार पेशाब लीक होना कोई उम्र का असर नहीं, बल्कि एक मेडिकल कंडीशन है, जिसका समय रहते इलाज जरूरी है। वरना ये शरीर के साथ-साथ दिमागी सेहत को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
भारत में कई लोग पेशाब लीक होने को लेकर खुलकर बात नहीं करते। उन्हें डर रहता है कि कोई मजाक उड़ाएगा या उन्हें ‘कमज़ोर’ समझेगा। लेकिन डॉक्टर गोपिचंद कहते हैं कि शर्म या झिझक की वजह से इलाज टालना सबसे बड़ी गलती है। क्योंकि जितना देर करते हैं, उतना ये स्थिति जटिल होती जाती है और फिर इलाज भी लंबा और मुश्किल हो जाता है।
जब बार-बार पेशाब लीक होता है और त्वचा लगातार गीली रहती है, तो वहां बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। इससे यूरेनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लंबे समय तक नज़रअंदाज़ करने पर ये संक्रमण किडनी तक भी फैल सकता है। यही नहीं, पेशाब के लगातार संपर्क में आने से त्वचा में सेलुलाइटिस और प्रेशर अल्सर जैसी दर्दनाक समस्याएं भी हो सकती हैं।
डॉ. गोपिचंद बताते हैं कि कई बार पुराने या गंभीर मामलों में मरीज को कैथेटर की ज़रूरत पड़ती है। लेकिन लंबे समय तक कैथेटर का इस्तेमाल टिश्यू ट्रॉमा, इंफेक्शन या ब्लैडर डैमेज जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है। वहीं कुछ सर्जरीज अगर सही फॉलो-अप या निगरानी में न की जाएं, तो उल्टा स्थिति और बिगाड़ सकती हैं।
लगातार लीक की समस्या के कारण लोग आउटडोर एक्टिविटीज या एक्सरसाइज से दूरी बनाने लगते हैं। धीरे-धीरे उनकी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और वजन बढ़ने लगता है। कई लोग तो हँसने या छींकने से भी डरते हैं। इससे आत्मविश्वास पर गहरा असर पड़ता है। डॉक्टर कहते हैं कि अक्सर महिलाएं इस वजह से असहज महसूस करती हैं और यौन जीवन पर भी असर पड़ता है। शर्म, असहजता या दर्द की वजह से कई बार रिश्तों में भी दूरी आने लगती है।
लगातार लीक की स्थिति व्यक्ति को अंदर से तोड़ देती है। धीरे-धीरे वो लोगों से दूर होने लगता है, बाहर जाना या दोस्तों से मिलना छोड़ देता है। ये स्थिति डिप्रेशन, सोशल आइसोलेशन और आत्मसम्मान की कमी जैसी मानसिक दिक्कतों को जन्म देती है। डॉ. गोपिचंद कहते हैं, इनकॉन्टिनेंस सिर्फ शारीरिक नहीं, भावनात्मक बीमारी भी है, इसलिए दोनों स्तर पर इलाज जरूरी है।
सबसे अच्छी बात यह है कि इनकॉन्टिनेंस पूरी तरह ट्रीटेबल है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि शर्म छोड़कर हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लें। पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज, लाइफस्टाइल बदलाव जैसे पानी की सही मात्रा लेना, कैफीन कम करना और जरूरत पड़ने पर मेडिकल ट्रीटमेंट या सर्जरी ये सब मिलकर काफी राहत दे सकते हैं। पेशाब लीक होना कोई ‘शर्म की बात’ नहीं, बल्कि एक इलाज योग्य समस्या है। इसे छुपाने की बजाय समझदारी है कि आप डॉक्टर से सलाह लें। क्योंकि समय रहते उठाया गया कदम न सिर्फ आपके शरीर, बल्कि आत्मसम्मान को भी सुरक्षित रख सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।