Gut Good Bacteria May Help Improve Muscle Strength: हम में से ज्यादातर लोग मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए जिम, प्रोटीन और डाइट पर ध्यान देते हैं। लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस सोच को थोड़ा बदल दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आपकी आंत यानी गट भी आपकी मसल्स स्ट्रेंथ में बड़ा रोल निभा सकती है। यानी अगर गट हेल्थ अच्छी है, तो आपकी ताकत भी बेहतर हो सकती है। यह सुनने में थोड़ा नया जरूर लगता है, लेकिन इसके पीछे ठोस साइंटिफिक वजह है।
हाल ही में एक वैज्ञानिक स्टडी में यह सामने आया कि आंत में मौजूद एक खास बैक्टीरिया मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाने में मदद कर सकता है। यह रिसर्च प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल Gut में प्रकाशित हुई है। इस स्टडी को स्पेन कीग्रनाडा विश्वविद्यालय (UGR), अल्मेरिया विश्वविद्यालय (UAL) और नीदरलैंड्स के लीडेन यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर (LUMC) के वैज्ञानिकों ने मिलकर किया है। आइए समझते हैं कि गट और मसल्स के बीच आखिर यह कनेक्शन कैसे काम करता है।
कौन सा बैक्टीरिया है ताकत बढ़ाने में मददगार
रिसर्च में खासतौर पर रोज़बुरिया इनुलिनिवोरन्स (Roseburia inulinivorans) नाम के बैक्टीरिया पर ध्यान दिया गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों के गट में यह बैक्टीरिया ज्यादा मात्रा में था, उनकी मांसपेशियां ज्यादा मजबूत थीं। खास बात यह है कि बुजुर्गों में इस बैक्टीरिया की मौजूदगी होने पर उनकी ग्रिप स्ट्रेंथ लगभग 30% तक ज्यादा पाई गई।
गट हेल्थ क्या है और इसका शरीर से क्या संबंध है
हमारी आंत में करोड़ों सूक्ष्म जीव रहते हैं, जिन्हें माइक्रोबायोम कहा जाता है। इनमें कुछ बैक्टीरिया अच्छे होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाते हैं और शरीर को जरूरी पोषक तत्वों को सही तरीके से अवशोषित करने में मदद करते हैं। यही बैक्टीरिया शरीर की इम्युनिटी मजबूत रखने और सूजन को कम करने में भी भूमिका निभाते हैं। जब गट हेल्दी रहता है, तो शरीर की कई प्रक्रियाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं, जिसका असर हमारी फिटनेस पर भी दिखाई देता है।
रिसर्च में सामने आया गट और मसल्स का कनेक्शन
वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में पाया कि आंत में मौजूद कुछ खास अच्छे बैक्टीरिया मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाने से जुड़े हो सकते हैं। जिन लोगों या जानवरों में ये बैक्टीरिया ज्यादा पाए गए, उनकी मसल्स ज्यादा मजबूत और एक्टिव देखी गईं। इससे यह संकेत मिलता है कि गट माइक्रोबायोम शरीर की ताकत और फिजिकल परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है।
कैसे काम करता है गट-मसल्स कनेक्शन
एक्सपर्ट्स के मुताबिक आंत में मौजूद बैक्टीरिया शरीर में कुछ ऐसे तत्व बनाते हैं, जो मांसपेशियों की ग्रोथ और रिकवरी को सपोर्ट कर सकते हैं। ये बैक्टीरिया सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जिससे मसल्स को नुकसान कम होता है और शरीर जल्दी रिकवर कर पाता है। यही वजह है कि गट हेल्थ अच्छी होने पर व्यक्ति ज्यादा एनर्जेटिक और एक्टिव महसूस कर सकता है।
एनर्जी और रिकवरी पर भी पड़ता है असर
जब पाचन बेहतर होता है तो शरीर को भोजन से ज्यादा पोषण मिलता है। इससे मसल्स को जरूरी प्रोटीन और मिनरल मिल पाते हैं, जो उनकी मजबूती के लिए जरूरी होते हैं। अच्छी गट हेल्थ शरीर की एनर्जी बनाए रखने में मदद करती है, जिससे एक्सरसाइज करने की क्षमता और स्टैमिना बेहतर हो सकता है। यही कारण है कि फिटनेस एक्सपर्ट भी हेल्दी डाइट और बैलेंस्ड लाइफस्टाइल पर जोर देते हैं।
भविष्य में फिटनेस का नया फोकस बन सकती है गट हेल्थ
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मसल्स को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ वर्कआउट ही नहीं, बल्कि गट माइक्रोबायोम पर भी ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है। हालांकि इस विषय पर अभी और रिसर्च की जरूरत है, लेकिन शुरुआती नतीजे बताते हैं कि हेल्दी गट शरीर की ताकत और ओवरऑल फिटनेस दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी मांसपेशियां मजबूत रहें और शरीर एक्टिव महसूस करे, तो अपने गट हेल्थ का ध्यान रखना भी जरूरी है। संतुलित आहार, फाइबर युक्त चीजें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप आंत के अच्छे बैक्टीरिया को मजबूत बना सकते हैं। एक हेल्दी गट, बेहतर फिटनेस की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।
