हैवी पेनकिलर पर सरकार की सख्ती! निमेसुलाइड की अधिक मात्रा वाली ओरल दवाओं पर लगाया प्रतिबंध
- Authored by: गुलशन कुमार
- Updated Dec 31, 2025, 04:42 PM IST
भारत सरकार ने लोकप्रिय पेनकिलर निमेसुलाइड के 100 मिलीग्राम से अधिक मात्रा वाली ओरल दवाओं के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम इससे होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए लगाया गया है। इससे न केवल चिकित्सा पद्धति में सुधार बल्कि मरीजों का इलाज भी सुरक्षित हो सकेगा।
पेनकिलर पर सरकार का प्रतिबंध!
भारत में दर्द और बुखार जैसी आम शिकायतों के उपचार में इस्तेमाल होने वाले लोकप्रिय पेनकिलर निमेसुलाइड को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 100 मिलीग्राम से अधिक डोज वाली निमेसुलाइड ओरल दवाओं के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। यह निर्णय जनहित और सेहत की चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है, ताकि इससे होने हेल्थ साइड इफेक्ट्स से लोगों का बचाव हो सके। आइए जानते हैं इसके बारे में...
निमेसुलाइड दवा क्या है?
निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है, जिसका उपयोग आमतौर पर दर्द, सूजन और बुखार को कम करने में किया जाता है। हालांकि इसे साइड इफेक्ट्स को देखते हुए कई देशों में यह सख्त नियमों के तहत उपलब्ध है। भारत में भी इसे पूरी तरह बैन करने से पहले बच्चों के लिए इस्तेमाल पर रोक लगी हुई थी। हालांकि इस रोक के बाद अब 100 मिलीग्राम से अधिक डोज की ओरल दवा को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
निमेसुलाइड के प्रमुख साइड इफेक्ट
निमेसुलाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है, जिसका इस्तेमाल दर्द, सूजन और बुखार में किया जाता रहा है। हालांकि इसके दुष्प्रभावों को देखते हुए समय-समय पर इसके लिए सवाल उठते रहे हैं, जिस कारण इसके उपयोग पर कई तरह की पाबंदियां भी लगाई गई हैं। आइए जानते हैं इसके कुछ मुख्य साइड इफेक्ट...
- पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे- गैस, एसिडिटी, पेट दर्द, उल्टी और दस्त।
- लिवर पर बुरा असर जिसमें लिवर एंजाइम बढ़ना, हेपेटाइटिस और गंभीर मामलों में लिवर डैमेज।
- बुजुर्गों और बच्चों में जोखिम ज्यादा होता है, क्योंकि इनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।
- एलर्जी रिएक्शन जैसे - त्वचा पर चकत्ते, खुजली या सांस लेने में परेशानी।
- किडनी पर बुरा प्रभाव - लंबे समय तक इस दवा को लेने से किडनी फंक्शन प्रभावित हो सकता है।
नोट - निमेसुलाइड की जगह आप कुछ अन्य विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिसमें पेरासिटामोल, इबुप्रोफेन, डाईक्लोफेनाक, नेप्रोक्सेन आदि शामिल हैं। हालांकि ध्यान रखें कि किसी भी दवा का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।