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Uric Acid: हाथों-पैरों में अचानक झनझनाहट? खून से यूरिक एसिड को अलग कर देंगी ये 5 चीजें

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Apr 30, 2023, 10:51 AM IST

Uric Acid Treatment: यूरिक एसिड कम करने के उपाय अगर आप हाथ पैरों की चींटियों के लिए रामबाण इलाज ढूंढ रहे हैं तो आयुर्वेद से बेहतर कुछ नहीं है। आयुर्वेद में ऐसी जड़ी बूटियां हैं जो यूरिक एसिड को जड़ से खत्म कर सकती हैं। आइए विस्तार से जानते हैं-

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Uric Acid: यूरिक एसिड की रामबाण दवा क्या है?

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Uric Acid Ayurvedic Herbs: यूरिक एसिड शरीर में उत्पन्न होने वाला एक रसायन है जो प्यूरीन से भरपूर खाद्य पदार्थों से बढ़ता है। यूरिक एसिड का बढ़ना एक ऐसी समस्या है जो शरीर में कई बीमारियों को जन्म देती है। शरीर में यूरिक एसिड का उच्च स्तर हाइपरयूरिसीमिया नामक समस्या का कारण बनता है जो गाउट की ओर ले जाता है।

गाउट की विशेषता जोड़ों में दर्द और सूजन है। गठिया के कारण होने वाले दर्द और सूजन से उठना-बैठना भी मुश्किल हो सकता है। जिन लोगों में यूरिक एसिड का स्तर अधिक होता है उन्हें अपने आहार पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होती है। जीवनशैली में बदलाव लाना भी जरूरी है। इसी तरह आप कुछ आयुर्वेदिक उपायों को अपना सकते हैं, जो दर्द से राहत दिला सकते हैं।

यूरिक एसिड एक विष है जिसे नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार बहुत प्रभावी हैं। योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार, यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेदिक काढ़े और विभिन्न जड़ी-बूटियां बहुत प्रभावी हैं। आइए जानें हाई यूरिक एसिड लेवल को कैसे कंट्रोल करें-

यूरिक एसिड को कम करता है आयुर्वेदिक पुनर्नवा अर्क

पुनर्नवा (Punarnava) एक जड़ी बूटी है जो जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में बहुत प्रभावी है। इस काढ़े का सेवन करने से यूरिक एसिड यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। इसका सेवन करने से जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत मिलती है।

गुग्गुल से करें यूरिक एसिड को कंट्रोल

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में गुग्गुल का सेवन बहुत ही कारगर होता है। औषधीय गुणों से भरपूर इस जड़ी-बूटी से कई बीमारियों का इलाज किया जाता है। यह जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाता है।

यूरिक एसिड को नियंत्रण में रखता है जीरा

जीरा एक ऐसा मसाला है जिसके सेवन से यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। इससे जोड़ों में दर्द और सूजन कम होती है। इसे पीसकर पाउडर बनाया जा सकता है और इस्तेमाल किया जा सकता है। सुंथा में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर, सोडियम, विटामिन ए और सी, जिंक, फोलेट एसिड, फैटी एसिड होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

हल्दी का सेवन करें

औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी का सेवन करने से यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन सूजन से राहत दिलाता है। इसमें एंटीबायोटिक गुण भी होते हैं जो यूरिक एसिड को कम करते हैं और शरीर को स्वस्थ रखते हैं।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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