Foods For Hormone Balance: 40 की उम्र पार करने के बाद कई महिलाओं को लगता है कि उनका शरीर पहले जैसा साथ नहीं दे रहा। कभी बिना वजह गुस्सा आ जाता है, कभी अचानक बहुत गर्मी लगने लगती है, तो कभी रातभर नींद नहीं आती। कुछ महिलाओं को पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं, जबकि कुछ को हर समय थकान महसूस होती है। अक्सर लोग इसे बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव भी हो सकते हैं।
हेल्थ इंफ्लुएंसर और हार्मोन व गट हेल्थ डाइटीशियन मनप्रीत कालरा के अनुसार, मेनोपॉज से पहले का समय यानी पेरीमेनोपॉज (perimenopause) कई तरह के बदलाव लेकर आता है। अच्छी बात यह है कि सही खानपान अपनाकर इन परेशानियों को काफी हद तक संभाला जा सकता है।
अलसी के बीज
अलसी के बीज छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इनके फायदे बड़े हैं। इनमें ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के हार्मोनल संतुलन को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। आप इन्हें पीसकर दही, सलाद या आटे में मिलाकर खा सकती हैं।
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सोया प्रोडक्ट्स
सोया और इससे बनी चीजें जैसे टोफू या सोया चंक्स महिलाओं के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। इनमें ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के दौरान सहारा देने का काम कर सकते हैं। हालांकि किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।
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दालें और बीन्स
पेरीमेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को दिनभर थकान महसूस होती है। ऐसे में दालें, राजमा, छोले और दूसरी बीन्स शरीर को जरूरी पोषण देने का काम करती हैं। ये पेट को लंबे समय तक भरा रखती हैं और शरीर में ताकत बनाए रखने में मदद करती हैं।
तिल और हरी सब्जियां
तिल, पालक, मेथी और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व देती हैं। ये हड्डियों को मजबूत रखने के साथ-साथ त्वचा और पूरे शरीर की सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती हैं। 40 की उम्र के बाद इनका नियमित सेवन और भी जरूरी हो जाता है।
अखरोट और ओमेगा-3 फूड्स
अखरोट, अलसी और ओमेगा-3 से भरपूर दूसरे फूड्स शरीर की सूजन कम करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि ये मूड को बेहतर रखने और शरीर को ऊर्जा देने में भी सहायक हो सकते हैं।
हेल्दी लाइफस्टाइल भी है जरूरी
मनप्रीत कालरा के मुताबिक, सिर्फ अच्छे फूड्स खाने से ही बात नहीं बनती। रोजाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और संतुलित आहार भी उतना ही जरूरी है। अगर 40 की उम्र के बाद शरीर में बार-बार बदलाव महसूस हो रहे हैं, तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय अपने खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए।
याद रखें, यह जीवन का एक सामान्य पड़ाव है। सही जानकारी और सही खानपान के साथ इस दौर को आसानी से और बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।
